दैवी आपदा राहत राशि के घोटाले की जांच फिलहाल मंद पड़ गई है। इसके पीछे पुलिस की महोबा में वीआईपी ड्यूटी लगना है। हालांकि ड्यूटी से आते ही आरोपी लेखपालों व उनके गुर्गों सहित एक सैकड़ा से अधिक लोगों पर गाज गिरना तय है। 52 लाख से अधिक का यह घोटाला 313 चेकों के माध्यम से किया गया है। घोटालेबाजों की नींद हराम है वह जमींदोज हो गए हैं।
वर्ष 2015 में आई दैवी आपदा की राहत राशि में हुए 52 लाख से अधिक की धनराशि के घोटाले में चार लेखपालों के विरुद्ध तहसीलदार मनोज कुमार ने थाना जरिया में तहरीर देकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी धन के दुरुपयोग करने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने यह मामला आईपीसी की धारा 409/420/467/468/471/182 के तहत दर्ज कराया है। यह घोटाला लेखपालों ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर किया है।
जिसमें पुलिस ने एक को हिरासत में भी ले लिया है। 313 चेकों के माध्यम से हुए इस घोटाले में एक सैकड़ा अधिक अन्य लोगों पर भी मामला दर्ज होना तय है जिन्होंने लेखपालों व उनके गुर्गाें के माध्यम से कई-कई चेक बनवाकर धन निकाल लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महोबा आने के कारण जनपद की पुलिस वीआईपी ड्यूटी में लगी है। जिससे यह मामला मंद जरूर पड़ा है। लेकिन इससे फुर्सत पाते ही मामले में तेजी आएगी। मामले की जांच कर रहे चौकी प्रभारी सरीला आरडी यादव ने बताया कि वह अभी वीआईपी ड्यूटी में लगे हैं। इससे निपटने के बाद आरोपी घोटालेबाजों व फर्जी चेक हासिल कर धन निकालने वालों के खिलाफ भी उन्हीं धाराओं में कार्रवाई होगी, जो लेखपालों के विरुद्ध दर्ज की गई है।