हमीरपुर। अनलॉक-1 में बिना अनुमति व गाइड लाइन के स्लीपर बसें दूसरे प्रांतों तक दौड़ाने लगी हैं। शनिवार को शहर के बस स्टैंड पर अहमदाबाद जाने के लिए जिले के परछछ निवासी शिवशंकर साथियों के साथ बस के इंतजार में बैठा मिला। देर शाम आई बस से सवार होकर 30 लोग रवाना हो गए।
लॉकडाउन में तमाम तकलीफें झेलते हुए हजारों प्रवासी अपने घरों को लौटे थे। इधर अनलॉक-1 होते ही दूसरे प्रांतों के फैक्टरी संचालक फिर इन लोगों से वापस आने की मिन्नत कर रहे हैं। शहर के बस स्टैंड पर शनिवार को परछछ गांव निवासी शिवशंकर मिला। उसने कहा वह अहमदाबाद में एक कंपनी में काम करता है। बताया लॉकडाउन में 9 मई को घर आया था।
उसने कहा एक महीना होने को है। उसके पास जमीन नहीं है। मजदूरी ही सहारा है। यहां रोजगार नहीं मिल रहा है। जो है उसमें परिश्रम अधिक है पैसा कम है। कहा परिवार में मां-बाप व भाई-बहन हैं। काम नहीं करेंगे तो क्या खाएंगे। बताया कंपनी से मालिक का फोन आया था कि लौट आओ।
साथ ही कहा अगर उसके साथ और लोग आना चाहे तो उन्हें भी ले आए। इस पर वह गांव के राजन व मनफूल को भी साथ लेकर जा रहा है। इस प्रवासी कामगार ने कहा कि उनके जैसे अन्य गांव के कई लोग वापस जा रहे हैं। प्राइवेट वाहनों से कामगार सूरत, अहमदाबाद, दिल्ली जैसे महानगरों में वापसी कर रहे हैं।
चलने लगे निजी सवारी वाहन व बसें
हमीरपुर। अनलॉक-1 में रोडवेज सेवा व दुकानें खुलने से फिर रौनक दिखने लगी है। वहीं बिना अनुमति व गाइड लाइन के निजी सवारी वाहन व बसें संचालित होने लगीं हैं। जो यात्रियों को गुजरात व दिल्ली लेकर जाती हैं।
शासन की ओर से एक जून से रोडवेज सेवा व दुकानें खोलने के निर्देश जारी हुए थे। अनलॉक-1 से मिलने वाली छूट के बाद सड़कों पर रोडवेज बसें फर्राटा भरने लगीं हैं। लोग भी यात्रा करने लगे हैं। शनिवार को सब्जी मंडी में दुकानें लगने से खरीदने पहुंचे।
वहीं निजी वाहन यात्रियों को बिना सामाजिक दूरी व मॉस्क के बैठकर यात्रा कराते दिखे। शहर से सूरत, अहमदाबाद, दिल्ली, के यात्रियों को बैठाकर उन्हें यात्रा करा रहे हैं। शनिवार को बाहरी प्रांतों में जाने वाले बस आने के इंतजार में दिखे। यातायात प्रभारी अरविंद मिश्रा ने बताया निजी वाहन व बसों के संचालन के निर्देश नहीं है। कार्रवाई की जाएगी।