भरुआ सुमेरपुर। भ्रूण परीक्षण आयोग के निर्देश पर आठ माह पूर्व बंद कराया गया अल्ट्रासाउंड केंद्र दोबारा संचालित पाए जाने पर सीएमओ ने सील कर दिया। नायब तहसीलदार की मौजूदगी में कार्रवाई की गई।
कस्बे के स्टेशन मार्ग पर विनायक पैथालॉजी एंड अल्ट्रासाउंड संचालित हो रहा थी। इसकी शिकायत भ्रूण परीक्षण आयोग से की गई थी। आयोग ने मामले की जांच चित्रकूट धाम मंडल के मंडलायुक्त को सौंपकर जांच रिपोर्ट तलब की थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आयोग ने मुख्य चिकित्साधिकारी को आदेश जारी करके इसे बंद कराने को कहा था। आयोग के आदेश के बाद इसे आठ माह पूर्व बंद कर दिया गया था। छह माह तक यह पैथालॉजी सेंटर बंद रहा। एक मार्च से बगैर किसी आदेश के दोबारा चालू हो गया। इसकी शिकायत दोबारा आयोग से की गई। आयोग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को कार्यवाही के आदेश दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. गीतम सिंह, डिप्टी सीएमओ अनूप निगम, कार्यालय लिपिक वेदप्रकाश श्रीवास्तव के साथ पैथालॉजी पहुंचे। अधिकारियों को पैथालॉजी संचालित मिली। यहां 20 से अधिक संख्या में गर्भवती महिलाएं अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लाइन में बैठी हुई थी। पैथालॉजी संचालक चमक लाल बगैर आदेश के संचालन पर अधिकारियों को संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर सीएमओ ने एसडीएम सदर सुक्रमा प्रसाद विश्वकर्मा को मामले से अवगत कराया और पैथालॉजी सील करने की बात कही। एसडीएम सदर ने नायब तहसीलदार प्रदीप निगम को पुलिस बल के साथ मौके पर भेजा। सीएमओ ने बताया कि इस पैथालॉजी को बांदा के हर्षवर्धन के नाम से चलाया जा रहा था। यह अवैध ढंग से संचालित था, जांच में इसकी पुष्टि हुई तभी आयोग ने इसको अग्रिम आदेश तक बंद करने के आदेश दिए थे।