बिवांर थानाक्षेत्र के रोहारी गांव में पंद्रह वर्ष पूर्व पानी भरने के विवाद में पड़ोसी दलित महिला से मारपीट के मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए अदालत ने दो लोगों को दो साल सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
सहायक शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार यादव ने बताया कि थाना बिवांर के रोहारी गांव में 16 अगस्त 2000 को वादी सुमित्रा की पुत्री शिवप्यारी हैंडपंप पर पानी भरने गई थी।
तभी पड़ोसी संतराम की पत्नी आई और कहने लगी कि तुम नीची जाति की हो और चप्पल पहनकर कैसे पानी भर रही हो। तभी वादी भी मौके पर पहुंच गई। उसने इस बात का विरोध किया।
इस पर संतराम की पत्नी घर से अपने पति व उसके एक साथी होरीलाल को बुला लाई। लाठी-डंडा लेकर पहुंचे दोनों उससे गालीगलौज करने लगे। वादी के लड़के बदरा ने विरोध किया।
दोनों ने मिलकर लाठी-डंडों से लड़के को पीटना शुरू कर दिया। बचाने आई शिवप्यारी को भी पीटा। जिससे दोनों को चोटें आई थीं। घटना की रिपोर्ट अदालत के आदेश पर दर्ज की गई थी। बुधवार को मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश एससी एसटी संतोष कुमार श्रीवास्तव ने दोनों अभियुक्त संतराम व होरीलाल को सजा सुनाई।