जिले में खेती किसानी का ज्यादातर कार्य बारिश पर निर्भर है। बीते रबी सीजन में सिंचाई के संसाधनों की कमी के चलते 70 फ ीसदी जमीन परती पड़ी रह गई। इसे देखते हुए किसानों को निजी नलकूप स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है। इस बार जिला योजना और प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना से जिले में 584 निजी नलकूपों की बोरिंग करने का लक्ष्य शासन ने दिया है।
सिंचाई के संसाधनों की कमी से किसान तमाम प्रयासों के बाद भी फसलों में उत्पादन नहीं ले पा रहा है। जिले में मौदहा बांध की नहरों का लाभ सिर्फ मौदहा तहसील के गांवों तक सीमित है। वहीं सुमेरपुर ब्लाक के कुछ गांवों को भी कभी कभार सिंचाई का पानी मिल जाता है। बीते वर्ष मौदहा बांध के डेड पड़े रहने से नहरें भी सूखी रहीं।
वहीं जिले में अर्जुन बांध, चंद्रावल बांध, पारीक्षा बांध से आई नहरों का टेल क्षेत्र होने से किसानों को पानी नहीं मिल रहा है। फिलहाल सरकारी आकंडों के मुताबिक जिले में दो लाख 94 हजार 87 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खेती की जा रही है। लेकिन सिंचित क्षेत्रफ ल एक लाख 48 हजार 302 हेक्टेयर है। जिसमें विभिन्न संसाधनों से सिंचाई की जा रही है।
नलकूपों के जरिए 88 हजार 404 हेक्टेयर, नहरों से 31 हजार 636 हेक्टेयर, कुलों से 22 हजार 30 हेक्येयर व तालाबों 5573 हेक्टेयर खेतों की सिंचाई हो रही है। कुल मिलाकर सिंचाई का सारा दारोमदार निजी नलकूपों पर टिका है। यही कारण है कि शासन भी जिले में निजी नलकूपों पर जोर दे रहा है।
इसके चलते लघु सिंचाई विभाग चालू वित्तीय वर्ष में 584 निजी नलकूपों की बोरिंग कराएगा। विभाग में इन दिनों दो योजनाओं से नलकूप स्थापित किए जा रहे हैं। जिला योजना से जिले में 251 मध्यम बोरिंग कराए जाने का लक्ष्य मिला है। वहीं 53 गहरी बोरिंग होंगी।
इसी तरह प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना से जिले में 200 मध्यम और 80 गहरी बोरिंग का लक्ष्य शासन ने दिया है। फिलहाल जिले में अभी तक 21 मध्यम बोरिंग किसानों ने करा ली हैं। जिले में भूजल स्तर नीचे जाने से बीती गर्मियों में ज्यादातर नलकूपों ने पानी देना बंद कर दिया था। इसमें शासन स्तर से सुमेरपुर ब्लाक के डार्कजोन घोषित किया जा चुका है। वहीं सरीला और मौदहा ब्लाक सेमी क्रिटिकल घोषित हैं।
सुमेरपुर विकासखंड में नलकूप बोरिंग पर रोक लगने से लघु सिंचाई विभाग ने बोरिंग करानी बंद कर दी है। इसके बावजूद किसान चोरी छिपे नलकूप लगवाने में जुटे हैं। वहीं विभाग सरीला और मौदहा में बोरिंग करा रहा है। जिला योजना से बोरिंग कराने वालों के लिए खुशखबरी है। शासन ने इस योजना से बोरिंग कराने वाले किसान को विद्युत कनेक्शन कराने में मदद मिलेगी। शासन किसानों को बिजली कनेक्शन पर लगने वाले लाखों रुपये की धनराशि को वहन करेगा। इसमें संबंधित किसान को पावर कारपोरेशन में करीब 15 हजार रुपये ही जमा करना होगा। लघु सिंचाई विभाग अभी इसी स्क ीम से किसानों की बोरिंग कराने में जुटा है।
जेई सूर्यनाथ लघु सिंचाई ने कहा कि जिले में 584 नलकूपों की बोरिंग का लक्ष्य आया है। अभी तक जिला योजना से 21 नलकूपों की बोरिंग करा दी गई है। बोरिंग के लिए किसान आवेदन कर रहे हैं। इस स्क ीम में शासन की ओर से किसानों को लाभान्वित करने के लिए बिजली कनेक्शन पर छूट दी गई है। इसका बजट विभाग में आया है।