फोटो 20 एचएएमपी 20- ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करते हुए पीटीओ प्रवर्तन टीम। विभाग
हमीरपुर। ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन पर जिले में शुरू हुई प्रशासनिक कार्रवाई का सीधा असर खदानों और परिवहन कारोबार पर दिखने लगा है। पहले जहां रोजाना करीब दो हजार ट्रक मौरंग-गिट्टी लेकर निकलते थे, अब इनकी संख्या आधी रह गई है। लोकेटरों पर दर्ज केस और पुलिस की लगातार दबिश के कारण कई लोकेटर भूमिगत हैं, जबकि स्थानीय ट्रक मालिकों ने नुकसान से बचने के लिए अपने वाहन खड़े कर दिए हैं।
खनन क्षेत्र में ट्रकों की आवाजाही कम होने से कई खदानों में गतिविधियां धीमी पड़ गई हैं। अंडरलोड रॉयल्टी लेकर चलने वाले वैध ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि अब उन्हें सही रेट मिलने लगे हैं। पहले ओवरलोड गाड़ियां कम दाम में बिक जाती थीं, जिससे वैध रॉयल्टी वाली गाड़ियों का खर्च भी नहीं निकलता था।
लखनऊ व कानपुर के बड़े ट्रांसपोर्टरों ने माना कि प्रशासनिक सख्ती के बाद बाजार में स्थिरता आई है। उनका कहना है कि पहले ओवरलोड वाहन आधे दाम पर मंडी भर देते थे, जबकि अंडरलोड वाहन दो-दो दिन खड़े रह जाते थे। अब स्थिति बदल रही है। उधर, स्थानीय ट्रक मालिकों में चिंता बढ़ी है। उनका कहना है कि अंडरलोड में यात्रा करने पर खर्च पूरा नहीं हो रहा और मौरंग के रेट भी कम मिल रहे हैं। इसी वजह से कई लोगों ने गाड़ियां बंद कर दी हैं।
खान निरीक्षक उमाकांत की तहरीर पर 24 नामजद और 200 अज्ञात लोकेटरों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस की दो टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। लोकेटरों के वाट्सएप ग्रुप से अफसरों की लोकेशन लीक होने की पुष्टि के बाद कई लोकेटर फरार हैं।
कोतवाली प्रभारी देवेंद्र मिश्र ने बताया कि कार्रवाई में अब तक एक लोकेटर को 14 दिन की रिमांड पर लेकर जेल भेजा जा चुका है। अन्य की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है और जल्द गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
आरटीओ प्रवर्तन अमिताभ राय ने बताया कि भेड़ी टोला-मंगरौठ क्षेत्र में सबसे अधिक गड़बड़ी पाई गई थी। लगातार चेकिंग के बाद अब वाहन अंडरलोड में चलने लगे हैं। रात्रि और दिन में निगरानी बढ़ाई गई है। बिंवार और कुछेछा मार्ग पर पिछले दो दिनों में केवल दो वाहन सीज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सख्ती का प्रभाव खनन विभाग की रॉयल्टी संख्या में भी बढ़ोतरी के रूप में दिख रहा है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ट्रकों की कम संख्या, लोकेटरों की अनुपस्थिति और सख्त चेकिंग ने जिले में मौरंग कारोबार की रफ्तार बदल दी है। अब खरीद-बिक्री का पूरा गणित नए सिरे से तैयार हो रहा है।