हाइवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन करते ट्रक ऑपरेटर्स व चालक।
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मौरंग खदानों को चालू करने व मप्र से मौरंग लेकर आ रहे ट्रकों के बिना रोकटोक संचालन की मांग तेज हो गई है। मंगलवार को ट्रक ऑपरेटर्स, चालक व खलासियों ने हाइवे पर लक्ष्मीबाई तिराहे के पास सभा की और फिर जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे तक लगे जाम से सड़क के दोनों ओर भारी संख्या में वाहनों की कतारें लग गईं। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर ज्ञापन लिया। जिसके बाद जाम खुला।
करीब एक वर्ष से जिले की मौरंग खदानों के बंद होने से सबसे ज्यादा असर ट्रक ऑपरेटर्स पर पड़ा है। मौरंग न मिलने से गिट्टी की बिक्री पर भी असर पड़ रहा है। ईंट का व्यापार भी प्रभावित है। पेट्रोल पंपों पर मालिकों ने अपने अपने ट्रक खड़े कर दिए हैं। इधर, फाइनेंसर की नोटिस आने पर ट्रक मालिक परेशान हैं। मंगलवार को इसी को लेकर ट्रक ऑपरेटरों ने चालकों व क्लीनरों को एकत्र कर हाइवे किनारे लक्ष्मीबाई तिराहे के पास सभा की।
ऑपरेटरों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि वह जल्द से जल्द नीति बनाकर बंद खदानों को शुरू कराएं। साथ ही कहा कि जब तक जिले में खदानें शुरू नहीं हो रही हैं, तब तक बांदा व मध्यप्रदेश से आने वाले मौरंग के ट्रकों को जिले की सड़कों से निकलने दिया जाए। सभा के बाद नाराज लोगों ने हाइवे को जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम जोगेंद्र सिंह व सीओ सदर योगेश कुमार ने ऑपरेटर्स से ज्ञापन लिया। उन्होंने ऑपरेटर्स को आश्वस्त किया कि यह ज्ञापन मुख्यमंत्री के पास भिजवाएंगे।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कुरारा, ललपुरा, सुमेरपुर थाने के अलावा कोतवाली व पुलिस लाइन का फोर्स तैनात रहा। इस मौके पर आरआर बाजपेई, अनिल कुमार शुक्ला, हिमांशु पांडेय, महेश शर्मा, पप्पू सिंह, गोपाल गुप्ता, मनीष पांडेय, लाला चौरसिया, बबलू तिवारी पतारा, राजू अवस्थी, धीरेंद्र, मोनू सिंह आदि मौजूद रहे।