हमीरपुर। एससीएसटी के 16 साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश रनवीर सिंह की अदालत ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोषी बालमुकुंद यादव को तीन साल के कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर नौ हजार का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
उपरी सायर निवासी वादी मुकदमा हन्नू ने बिवांर पुलिस को 11 सितंबर 2009 को तहरीर दी थी। बताया था कि दो सितंबर 2009 को उसकी पत्नी व बेटा संतोष बलकट जमीन पर तिल की फसल की कटाई करने गए थे। तभी वहां देखा कि दोषी बालमुकुंद यादव अपने मवेशी खेत में चरा रहा था। उन्होंने खेत से मवेशी निकालने को कहा तो उक्त ने उसकी पत्नी व बेटे को जातिसूचक गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इससे उन्हें चाेंट आई हैं। पुलिस ने एससीएसटी एक्ट के तहत गाली-गलौज व मारपीट का मामला दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषी को सजा सुनाई है।