राठ में जाम स्थल पर महिलाओं को समझाते कोतवाल घनश्याम पांडे।
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गल्ला व्यापारियों द्वारा बिना छनाई का माल सीधे किसानों से खरीदने पर मंडी में छनाई करने वाली महिला मजदूरों में आक्रोश पनप गया। मंगलवार दोपहर काम छिनने से परेशान महिलाओं ने राठ-महोबा मार्ग पर मंडी गेट के सामने चिलचिलाती धूप में जाम लगा दिया। जाम आधे घंटा तक लगा रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को समझाकर जाम खुलवाया।
बता दें कि सोमवार को गल्ला व्यापार संघ ने एसडीएम को ज्ञापन देकर मंडी में कमीशन एजेंटों द्वारा किसानों का शोषण करने की शिकायत की थी। व्यापारियों ने एसडीएम से कहा था कि कमीशन एजेंट किसानों का माल बिना छाने खरीद रहे हैं। बता दें कि कमीशन एजेंट किसानों से बिना छनाई के माल खरीदते हैं और फिर छनाई कराकर उसे बड़े व्यापारियों को बेचते हैं। व्यापारियों का कहना था कि कमीशन एजेंट ऐसा करके किसानों से कम कीमत में खरीदे गए माल को बाद में ज्यादा भाव में बेचते हैं।
मंडी व्यापारियों की इस मंशा की जानकारी होते ही मंगलवार को छनाई करने वाली सैकड़ों महिला मजदूरों में आक्रोश पनप गया। दोपहर में महिलाओं ने मंडी में जमकर हंगामा काटा। इसके बाद महिलाओं ने राठ-महोबा मार्ग पर मंडी गेट के बाहर चिलचिलाती धूप में मुख्य सड़क पर बैठ कर जाम लगा दिया। जाम स्थल पर सुनीता, चिरई, विद्या, रामरती, संतोष कुमारी, श्याम, संपत, रामसखी आदि ने बताया कि व्यापारी उनके पेट पर लात मार रहे हैं। काम बंद होने से उनके सामने रोजी रोटी की समस्या आ खड़ी हो जाएगी।
जाम की सूचना मिलने ही कोतवाल घनश्याम पांडेय पुलिस बल के साथ पहुंचे। जहां पर कोतवाल ने मजदूरों को काम दिलाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। दोपहर बाद एसडीएम रामसुरेश वर्मा ने व्यापारियों और मजदूर महिलाओं से वार्ता कर पूर्व की तरह काम करने की बात कही। एसडीएम ने कहा कि पूर्व में मंडी में जिस तरह से खरीद होती थी, उसी प्रकार से होगी।