हमीरपुर। जरिया थानाक्षेत्र के बौखर गांव में शनिवार रात हुई महिला की हत्या के मामले में परिजनों को महिला का मोबाइल नहीं मिला। वहीं घर में रखे बक्से का ताला तोड़ने के बजाय ताला खोलकर सामान निकालकर ले जाने की बात सामने आई है। परिजनों ने बंधक बना लूट की आशंका जताई है। पुलिस तीन दिन बाद भी सुराग नहीं तलाश सकी।
बौखर गांव निवासी शीलारानी उर्फ ललिता (55) का रविवार सुबह घर में संदिग्ध हालात में शव पड़ा मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला कसकर हत्या करने व मारपीट की चार चोटों की पुष्टि हुई। सीओ सरीला राजकुमार पांडेय का कहना है कि टीमें अलग-अलग दृष्टिकोण से जांच कर रही हैं। परिजनों द्वारा मोबाइल और सामान ले जाने की बात बताई गई है। उसकी जांच भी हो रही है। घटना का जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
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मां की याद में बिलखती बेटी ने कहा कातिल जिंदा चाहिए
हमीरपुर। मां ललिता की हत्या से परिवार सदमे में है। मां की याद में बिलख रही बेटी पूजा ने कहा कि किसी का क्या बिगाड़ा था जो मां की हत्या कर दी। सामान ले जाना था तो ले जाते लेकिन ऐसा न करते। उन्होंने रोते हुए पुलिस से गुहार लगाई की आरोपी का एनकाउंटर न करें उनके सामने जिंदा लाएं। रेलवे में ग्रुप-डी पद पर काम करने वाली दूसरी बेटी पूजा ने कहा कि मां हमेशा कहती थीं पढ़ो और आगे बढ़ो। उनका एक ही सपना था कि सब बच्चे पढ़-लिखकर नौकरी करें। कहा कि मैं चाहती हूं कि हत्यारा जिंदा मिले ताकि मैं उसकी आंखों में देखकर एक ही सवाल पूछ सकू कि हमारी मां ने उसका क्या बिगाड़ा था.. छोटी बेटी दीपशिखा का रो-रोकर बुरा हाल है।
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गांव में संदिग्ध मूवमेंट और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल
- ग्रामीणों के अनुसार हत्या वाली रात एक बोलेरो गांव में देखी गई और कुछ लोगों को बाइक पर जाते हुए देखा गया। पीड़ित परिवार और रिश्तेदारों ने गोहांड और चंडौत मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खुद भी खंगाली और चंडौत के मौरंग डंप के कैमरे की फुटेज में भी कुछ गतिविधि दर्ज होने की बात सामने आई है। लेकिन अभी तक उन फुटेजों से निर्णायक सबूत नहीं जुटाए जा सके है।