सिंचाई विभाग की लापरवाही से नहरों के अंतिम छोर के किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिल रहा है। नहरों की मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में दो गांवों के सैकड़ों किसानों की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। महोबा सिंचाई विभाग के अंतर्गत अर्जुन बांध से निकली अर्जुन नहर से गांव व क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी
मिलता है। बीते वर्ष विभाग द्वारा छोटी-छोटी माइनरों की सफाई का कार्य विभाग ने कराया था। लेकिन तमाम माइनरों की सफाई नहीं कराई गई। साथ ही उनकी मरम्मत की ओर ध्यान दिया गया। जिसके कारण इमिलिया निकास गहरौली हुसैना माइनर कटी पड़ी हुई है। इस माइनर को बरसात के समय हुए जल भराव से गांव को जलमग्न होने से बचाने के
लिए ग्रामीणों ने काट दिया था। तभी से यह माइनर कटी पड़ी हुई है। इस कारण माइनर के टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जिससे गहरौली, हुसैना सहित अन्य गांवों के लोगों के गेहूं की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। हुसैना गांव के राजू गुरुदेव, कामता प्रसाद अग्निहोत्री, लाला द्विवेदी एवं गहरौली के किसान लखन राजपूत, परशुराम राजपूत,
सत्यप्रकाश ने बताया कि इस माइनर की सफाई नहीं कराई गई। जबकि विभागीय अधिकारियों को दर्जनों बार अवगत करा चुके हैं। बताया कि टेल तक पानी न पहुंचने के कारण करीब दो सौ एकड़ फसल सिंचाई के अभाव में सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है। विभाग के जेई नेकीराम ने बताया कि शीघ्र ही सर्वे कर माइनर को मरम्मत कर टेल तक पानी पहुंचाया जाएगा।