फोटो 02 एचएएमपी 28- कॉमनवेल्थआसियान समिट के दौरान मौजूद यशोवर्मन सिंह चंदेल। संवाद
हमीरपुर। बुंदेलखंड के युवा अधिवक्ता यशोवर्मन सिंह चंदेल ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया है। मलयेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित कॉमनवेल्थ-आसियान समिट 2025 में यशोवर्मन ने कॉमनवेल्थ यूथ काउंसिल डेलिगेशन के सदस्य के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। तीन दिवसीय इस शिखर सम्मेलन में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित कई देशों के वरिष्ठ नेता और नीति विशेषज्ञ शामिल हुए।
हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी लोकसभा के निवर्तमान सांसद कुंवर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल के पुत्र यशोवर्मन सिंह चंदेल सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी में अधिवक्ता हैं। उन्होंने समिट के दौरान पर्यावरण, तकनीकीकरण और औद्योगिकीकरण के संतुलन यानी सस्टेनेबल डेवलपमेंट में कानून एवं न्याय व्यवस्था की भूमिका पर भारत का पक्ष रखा। यशोवर्मन ने अपने संबोधन में टेक्नोलॉजिकल ऑब्सोलेसेंस पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि कई बार कंपनियां जानबूझकर ऐसे सॉफ्टवेयर जारी करती हैं जिनसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, विशेषकर मोबाइल फोन, धीमे हो जाते हैं और उपभोक्ताओं को नया फोन खरीदने के लिए विवश होना पड़ता है। उन्होंने आसियान देशों से इस विषय पर संयुक्त कानून बनाने का प्रस्ताव रखा, जिससे उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा सके।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा सहित कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। मलयेशिया के पूर्व सांसद और सीनेटर शिवराज चंद्रन भी इस अवसर पर मौजूद रहे। यशोवर्मन ने कहा कि यह सम्मेलन शिक्षा, पर्यावरण, वैश्विक व्यापार, तकनीकी और सामाजिक-सांस्कृतिक विकास जैसे प्रमुख विषयों पर केंद्रित रहा। इसमें युवाओं की भागीदारी और नीति-निर्माण में उनकी भूमिका को सशक्त करने पर विशेष जोर दिया गया।
बुंदेलखंड के युवा को भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलने से क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। स्थानीय लोगों ने यशोवर्मन सिंह चंदेल की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि उन्होंने न सिर्फ क्षेत्र, बल्कि पूरे देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है।