राठ। स्यावरी गांव में बड़े भाई की गला काटकर हत्या करने के मामले में ग्रामीणों को अवैध संबंध की कहानी नहीं गले नहीं उतर रही है। ग्रामीणों का मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने पर मामले में नया मोड़ आ सकता है।
कोतवाली क्षेत्र के स्यावरी गांव में रविवार रात हरदयाल राजपूत ने अपने बड़े भाई श्यामबिहारी राजपूत (67) की गड़ासे से गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। हत्यारोपी के बेटे देवसिंह ने पुलिस को दी जानकारी में बताया था कि उनके दादा (ताऊ) को पिता हरदयाल ने किसी महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था जिससे वह आक्रोशित हो गए थे। देव सिंह के शिकायती पत्र के आधार पर पुलिस ने हत्यारोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
मंगलवार को नहर बाईपास से आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। हत्याकांड से गांव में सनसनी फैली हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि श्यामबिहारी धार्मिक प्रवृत्ति एवं सरल स्वभाव का व्यक्ति था। उसके हिस्से की डेढ़ बीघा जमीन हत्या का कारण बताई जा रही है। नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हत्यारोपी ने अपने भाई के हिस्से की जमीन भी बलकट रख दी थी। बलकट से मिलने वाला रुपया भी उसे नहीं दिया था। इसी बात पर दोनों भाइयों में विवाद चल रहा था।
हरदयाल व उसके परिजनों को आशंका थी कि श्यामबिहारी अपने हिस्से की जमीन बेच सकता है। ग्रामीणों ने आशंका व्यक्त की कि जमीन हथियाने के लिए हरदयाल ने परिजनों के साथ योजनाबद्ध तरीके से अपने भाई की धारदार हथियार से गर्दन काटकर हत्या की है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी ग्रामीणों के दावे की पुष्टि नहीं करती है। मामले की सत्यता पुलिस जांच में सामने आएगी।