हमीरपुर। कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-34) पर दिन की अपेक्षा रात में ओवरलोड भारी वाहनों का आवागमन दोगुना से अधिक हो जाता है। यमुना पुल में वाहन निकलने पर अब कंपन भी नहीं होता। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान संगठन (सीआरआरआई) द्वारा अगस्त 2024 में की गई जांच रिपोर्ट के मुताबिक यह पुल 40 टन क्षमता से अधिक भार निकालने में सुरक्षित नहीं है। 49 साल पुराने इस पुल की एक बार फिर से मरम्मत होने जा रही है। ऐसे में करीब 15 दिनों के लिए पुल से भारी वाहनों के निकलने पर रोक लग सकती है। चेतावनी के बाद भी 40 टन से अधिक वाहनों का आवागमन जारी है। इसमें पीएनसी व पुलिस प्रशासन रोक नहीं लगा पा रहा है।
बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे से शाम 4.30 बजे तक एनएचएआई टीम ने यमुना पुल की कोठियों की जांच की थी। विभाग इसे सामान्य मरम्मत बता रहा है। जबकि यह पुल जर्जर हो चुका है।
शुक्रवार की दोपहर दो से तीन बजे तक यमुना पुल से गुजरने वाले भारी वाहनों की पड़ताल की गई। एक घंटे में 160 हल्के वाहन गुजरे तो 70 भारी वाहन भी निकले। रात में यही संख्या बढ़कर दोगुना से अधिक हो जाती है। जबकि कानपुर सीमा से चलकर जनपद सीमा में 180 भारी वाहनों ने प्रवेश किया। हालांकि रोजाना गिट्टी और मौरंग लदे ओवरलोड डंपरों, ट्रकों सहित करीब 20 हजार से अधिक वाहनों का आवागमन होता है।
केंद्रीय सड़क अनुसंधान संगठन (सीआरआरआई) टीम ने अगस्त 2024 में किए सर्वे में पुल के कंपन न करने का खुलासा किया था। रिपोर्ट में पुल के पिलर में लगीं बेयरिंग तत्काल बदलने, दरारों को खत्म करने और मजबूती के लिए कोठियों की स्लैब की मरम्मत की संस्तुति की गई थी।
ओवरलोड वाहनों पर की जा रही कार्रवाई
एआरटीओ प्रवर्तन अमिताभ राय ने बताया कि 12 चक्का से लेकर 22 चक्का तक 10-17 टन तक डंपरों का वजन होता है। 22 चक्के की अंडर लोडिंग 55 टन है। 16 चक्के की 48 टन तक अंडर लोडिंग करने का प्रावधान है। डीएम ने लेखपालों को धर्मकांटों में ड्यूटी लगाई है। ओवरलोड वाहनों पर लगातार कार्रवाई भी की जा रही हैं। चेतावनी बोर्ड का पालन कराए जाने के लिए भारी वाहनों पर पूर्णतया रोक लगानी पड़ेगी।
भारी वाहनों में लगे रोक
शहर के मेरापुर निवासी समाजसेवी हरिहर निषाद कहते हैं कि पहले जब पुल में जाम लग जाता था, तो पुल में कंपन होती थी। अब कंपन नहीं होती है। बीम भी सीधी सपाट हो गई है। इस पुल से केवल हल्के वाहन ही गुजरने चाहिए, भारी वाहनों में पूर्णतया रोक लगनी चाहिए।
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पुल की बियरिंग में होना है काम
पुल की बियरिंग का काम होना है। एक दो दिनों में चिट्ठी आ जाएगी। एनएचएआई व डीएम के निर्देश पर काम शुरू कराया जाएगा। इस कार्य में स्लैब उठानी पड़ती हैं। इस दौरान कोई भी वाहन नहीं गुजारा सकता है। करीब 15 दिनों तक भारी वाहनों के आवागमन में रोक लगानी पड़ सकती है। एमपी वर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर पीएनसी।