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Hamirpur News: सावन माह में महिलाओं का घरेलू खेलों में बढ़ा रुझान

Thu, 31 Jul 2025 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
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हमीरपुुर। सावन माह में बारिश के चलते खेत खलिहान के काम से फुर्सत मिलने के कारण महिलाओं का घरेलू खेलों में रुझान बढ़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर महिलाएं दोपहर के समय समूह में बैठ गुट्टा खेलती देखी जा सकती है। बुंदेलखंड में सावन माह में गुट्टा खेलने की पुरानी परंपरा है।
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हिंदी वर्ष के अनुसार साल में सावन माह जहां हरियाली के लिए जाना जाता है। वहीं, लोगों में हंसी खुशी व उल्लास भी इस माह में ज्यादा दिखता है। यहीं कारण है कि आसमान पर छाए बादलाें के बीच पेड़ों की टहनियों में रस्सी का झूला झूलना मन को आनंदित करता है। वहीं, बारिश के चलते खेत खलिहान का काम बंद होने के कारण महिलाएं समूह में घरेलू खेलों का आनंद लेती हैं। घरेलू खेलों में चंदा पौवा के अलावा गुट्टा भी आता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सावन माह आते ही महिलाओं, युवतियों व बच्चों को गुट्टा खेलते देखा जा सकता है। सदर व मौदहा तहसील में जहां इस खेल को गुट्टा नाम से जानते है। वहीं, राठ व सरीला क्षेत्र में इसे चपेटा के नाम से भी जाना जाता है। हंसी ठिठोली के बीच यह खेल हाथों के संतुलन व तेज नजर के साथ खेला जाता है।

कई प्रकार से खेला जाता है गुट्टा
- सुमेरपुर विकास खंड के पौथिया गांव में गुट्टा खेल रहीं सुनीता देेवी ने बताया कि यह पत्थर के छोटे-छोटे टुकड़ों से खेला जाता है। इनकी संख्या अपनी मर्जी से तय की जा सकती है। खेल खेलने में दो लोगों का होना जरूरी है। एक खेल दस गुट्टों का होता है। इसमें पहले हाथ में लिए पत्थरों को उछालते हुए एक हथेली के पिछले हिस्से में लेते हुए फैलाया जाता है। सभी पत्थर गिराए जा सकते है लेकिन एक पत्थर हथेली के पिछले हिस्से में बच रहना चाहिए। उसे उछालकर फिर सीधी हथेली में लिया जाता है। फिर उस गुट्टे को उछाल नीचे फैलेे पत्थर के टुकड़ों को एक-एक कर उठाना पड़ता है। इस दौरान जितने गुट्टे हथेली पर आ जाए उन्हें सभी कोे एक साथ उछालते हुुए इसे खेला जाता है। इसके अलग-अलग नियम है। इनका पालन न होने पर चाल दूसरे को दी जाती है।
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ऐसे होता है खेल
- महिला माया ने बताया कि हाथ को साधकर गुट्टा इतना ऊपर उछाला जाता है कि उसके नीचे आने तक जमीन में पड़ा पत्थर उठाया जा सके। इसमें नजरें भी ऊपर नीचे होती रहती है। ऐसे में मानसिक व्यायाम के साथ नजरों का भी व्यायाम हो जाता है। बताया कि यह खेल सावन में ही खेला जाता है।
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हारने वाले का कान खींच दी जाती सजा
- युवती खुशबू ने बताया कि इसमें जो हार जाता है। उसे जीतने वाले कान खींचकर सजा देते है। वहीं हथेली के पिछले हिस्से में चिकोटी भी ली जाती है।
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