भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। 28 मई को आई आंधी ने जिले की बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है। बिजली विभाग के सर्वे में जिलेभर में करीब 2500 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त पाए गए हैं। पांच दिन बाद भी करीब 20 गांवों में बिजली आपूर्ति आंशिक रूप से प्रभावित बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट के साथ पेयजल समस्या भी बनी है।
अधीक्षण अभियंता ज्ञान चंद्र यादव ने बताया कि तूफान से जिले में करीब 2500 पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें से लगभग 1500 पोल बदले जा चुके हैं। शेष पोल बदले जा रहे हैं। वर्तमान में करीब 7000 उपभोक्ता प्रभावित हैं। बिजली व्यवस्था को सामान्य करने के लिए 140 कर्मचारी और करीब 30 टीमें प्रतिदिन लगभग 18 घंटे तक कार्य कर रही हैं। पोल टूटने से विभाग को करीब एक करोड़ रुपये की क्षति का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि सबसे अधिक नुकसान सुमेरपुर उपखंड क्षेत्र में हुआ है। एसडीओ एमपी सिंह ने बताया कि पांच पावर सब स्टेशनों के अंतर्गत करीब 1700 पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा निजी नलकूपों से जुड़े करीब 180 ट्रांसफार्मर भी पोल सहित गिर गए। पारा-रैपुरा क्षेत्र में सर्वाधिक 850 पोल क्षतिग्रस्त हुए, जबकि टेढ़ा क्षेत्र में 425, विदोखर में 175, सुमेरपुर कस्बा में 150 तथा सुमेरपुर द्वितीय क्षेत्र में 113 पोल क्षतिग्रस्त पाए गए। उन्होंने बताया कि कस्बा एवं ग्रामीण क्षेत्रों की करीब 80 प्रतिशत बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है लेकिन निजी नलकूपों की लाइनें अभी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकी हैं। वहीं किसानों का कहना है कि क्षतिग्रस्त पोल शीघ्र नहीं बदले गए तो धान की बोआई प्रभावित हो सकती है।
टेढ़ा के अवर अभियंता रजनीश कुमार ने बताया कि उनके क्षेत्र में 425 पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 80 निजी नलकूप ट्रांसफार्मर भी शामिल हैं। वहीं पारा-रैपुरा के अवर अभियंता सचिन श्रीवास्तव के अनुसार उनके क्षेत्र में करीब 850 पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें 450 निजी नलकूपों से जुड़े पोल शामिल हैं।
उधर, सरीला उपखंड क्षेत्र में भी तूफान से भारी नुकसान हुआ है। एसडीओ हरिश्चंद्र वर्मा ने बताया कि सरीला सब डिवीजन में करीब 500 पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इचौरा, जलालपुर, धौहल और पचखुरा फीडर सबसे अधिक प्रभावित रहे। विभाग को स्टोर से 250 पोल प्राप्त हुए हैं और मुख्य लाइनों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जा रहा है। धौहल क्षेत्र के बंगरा, कटेहरी, देवखरी, राजमऊ, कुपरा समेत कई गांवों में अभी भी मरम्मत कार्य जारी है।
हालांकि विभाग अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने का दावा कर रहा है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। सरीला क्षेत्र के उपभोक्ता ताज मोहम्मद ने बताया कि आंधी-तूफान के दिन से उनके इलाके में नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी है। बिजली न होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। वहीं सुमेरपुर क्षेत्र के किसानों का कहना है कि निजी नलकूपों की लाइनें और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहा है। यदि जल्द व्यवस्था सामान्य नहीं हुई तो धान की रोपाई और खरीफ फसल की तैयारियों पर असर पड़ सकता है।