दैवीय आपदाओं से जूझ रहे किसानों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत अन्ना जानवर बने हैं। इनसे फसलें बचाना मुश्किल हो रहा है। गुरुवार को आधा दर्जन गांवों के किसानों ने हजारों मवेशियों को हाईवे पर खड़ा कर प्रदर्शन किया। मवेशियों के हाईवे पर खड़े होने से जाम लग गया। प्रशासन भी इस पर कुछ नहीं कर सका। वहीं, मवेशियों को रोकने के लिए दूसरे गांवों के किसान एक-दूसरे के सामने आ गए और आठ से दस किमी तक इन मवेशियों को खदेड़ते रहे। इसके चलते हाईवे पर करीब पांच घंटे तक आपाधापी की स्थिति बनी रही।
गुरुवार को कुनहेटा, बिगहना, रमना, चकदहा आदि गांवों के एक हजार से अधिक अन्ना मवेशियों को बसवारी-राठ रोड से खदेड़कर किसानों ने हाईवे के तिराहे पर खड़ा कर दिया। इन मवेशियों से हाईवे जाम हो गया और इन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए रागौल व आसपास के किसान खड़े हो गए। करीब दो दर्जन किसान लाठी लेकर राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर सुमेरपुर की ओर मवेशियों को लेकर जा रहे थे।
तभी मकरांव गांव के किसानों ने उन्हें घेर लिया और आगे नहीं बढ़ने दिया। फिर इन मवेशियों को हाईवे पर वापस खदेड़ दिया। इसके बाद मवेशियों का रेला तब खत्म हुआ, जब यह मवेशी जहां से आए थे वहीं भेज दिए गए। हालात ये रही कि सीओ उमरदराज खां व कोतवाल घनश्याम पांडेय भी मौके पर पहुंच गए। लेकिन कुछ करने की स्थिति में नहीं दिखे। किसान आपस में न भिड़े और शांति व्यवस्था बनी रहे, इसके प्रयास पुलिस करती रही। किसानों का कहना था कि यदि अन्ना मवेशियों का आतंक यदि इसी तरह जारी रहा। तो निश्चित है किसी न किसी दिन किसान ही आपस में लडे़ंगे। इससे कोई बड़ी घटना भी हो सकती है।
पांच दिन पूर्व भी लगाया था जाम
19 नवंबर को किसानों ने हाईवे पर मवेशियों को खड़ा कर प्रदर्शन किया था। तब एसडीएम एसपी अग्रवाल ने मवेशियों को मंडी समिति में बंद करा दिया था। लेकिन मंडी की टूटी बाउंड्री से यह मवेशी भाग निकले। मवेशियों को हांककर लाने वाले कम्हरिया, पाटनपुर, सिलौली, रोहारी, नारायच गांवों के थे। जिन्होंने सैकड़ों अन्ना मवेशियों को कस्बे में लाकर हाईवे जाम लगाया। प्रशासन इस गंभीर मामले में चुप्पी साधे है। इधर आए दिन किसानों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है।
उच्चाधिकारियों से करेंगे बात
उपजिलाधिकारी एसपी अग्रवाल ने कहा कि वह अभी छुट्टी मेें है। कल आकर चर्चा करेंगे। तहसीलदार राकेश कुमार ने कहा कि यह समस्या ज्यादा जटिल है। उच्चाधिकारियों से विचार विमर्श कर हल करने का प्रयास किया जाएगा।