सुमेरपुर क्षेत्र के देवगांव स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के खुलने व बंद होने का कोई समय नहीं है। सोमवार को पत्नी के इलाज के लिए रुपये निकालने गए युवक को बैंक कैशियर ने बंद हो चुकी करेंसी के छह हजार रुपये थमा दिए। पीड़ित उपभोक्ता नोटों को बदलवाने के लिए परेशान घूम रहा है।
देवगांव निवासी राजकुमार ने बताया कि इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में उसका खाता है। पत्नी की डिलेवरी हुई है। इलाज के लिए छह हजार रुपये निकालने आया। लेकिन कैशियर ने उसे पांच सौ व एक हजार रुपये के पुराने नोट थमा दिए। वहीं, गांव निवासी देवकली ने बताया कि उसकी पुत्री जानकी की आठ दिसंबर को शादी है। बीते एक सप्ताह से बैंक आ रही है।
रुपये नहीं मिले हैं। आरोप लगाया कि मैनेजर मुंह देखा व्यवहार कर रहे है। भौरा गांव निवासी शंकर कुशवाहा ने बताया कि बैंक सुबह 10:30 बजे खुली तो लाइन में बैठ गया। मगर उसका पैसा नहीं मिला। दोपहर 1:30 बजे बैंक बंद कर दिया और कहा कैश खत्म हो गया है। उसकी पुत्री की 30 नवंबर को शादी है। बैंक मैनेजर कामता प्रसाद वर्मा ने बताया कि कैश की कमी है। पुराने नोट दिए जाने पर कहा कि उनकी जानकारी में नहीं है। कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो यह गलत है। इसकी वह कैशियर से जानकारी करेंगे।