हमीरपुर। ठंड का असर शुगर के मरीजों पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल में शुगर की जांच कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 150 के करीब पहुंच गई है। कुछ दिन पूर्व तक यह संख्या 80 से 100 के बीच रहती थी। इनमें कई मरीजों का शुगर स्तर 250-300 तक दर्ज किया गया है।
जिले में न्यूनतम तापमान सात डिग्री तक पहुंच गया है। तापमान में गिरावट के कारण सुबह उठने तथा टहलने से परहेज करने वालों की संख्या बढ़ी है। इसका परिणाम यह है कि कई मरीजों की शुगर का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरएस प्रजापति ने बताया कि ठंड के मौसम में शुगर के मरीजों को विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता है। यदि बाहर टहलने न जा सकें तो घर पर ही व्यायाम अवश्य करें।
इससे बचाव के लिए प्रभावित लोगों को आलू का सेवन नहीं करना चाहिए। आलू से मिलने वाली कैलोरी को लोग दिनभर में खपा नहीं पाते हैं। आलू में स्टार्च की मात्रा अधिक होने से शुगर की बीमारी को बढ़ाता है। आलू के विकल्प के तौर पर हरी सब्जियों और फलों का उपयोग करें।
शुगर बढ़ने के लक्षण
- बेहोशी आना, धुंधला दिखाई देना, मतली आना और अधिक प्यास लगना इसके मुख्य लक्षण हैं।
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ऐसे करें शुगर नियंत्रित
- एक घंटा रोज तेज गति से टहलें।
- प्रतिदिन साइकिल चलाएं।
- पानी का अधिक सेवन करें।
- भोजन में हरी सब्जी, मौसमी फल शामिल करें।
- प्रतिदिन योग करें।
सर्दी के मौसम में मधुमेह के मरीज बढ़ जाते हैं। इस बार भी मरीज बढ़े हैं। मरीजों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था जिला अस्पताल में है। किसी भी मरीज को इलाज के लिए दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
-डॉ. एसपी गुप्ता, सीएमएस जिला अस्पताल।