गोहांड में नहर पटरी काटे जाने से फसलों में भरा पानी।
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पावर कारपोरेशन के ठेकेदार द्वारा पोल गाड़ने के लिए काटी गई नहर पटरी ने किसानों को मुसीबत में डाल दिया है। जलालपुर शाख में अचानक पानी आने से सिरसा मौजे में सैकड़ों बीघा में खड़ी फसल जलमग्न हो गई। दाने-दाने को मोहताज किसानों ने प्रशासन से फसलों के नुकसान की भरपाई की गुहार लगाई है।
बीती गर्मियों में राठ से सरीला 132 केवीए एचटी लाइन के टावर खडे़ करने के लिए ठेकेदार ने सिरसा मौजे में विद्युत पोल खड़े करने के लिए सपरार प्रखंड की जलालपुर शाख की पटरी को समतल कर दिया था। जिससे ट्रकों का आवागमन हो सके। नहर पटरी को समतल करने के लिए जेसीबी का प्रयोग किया गया था।
विद्युत टावर खडे़ होने के बाद सिंचाई विभाग व विद्युत विभाग ने समतल की गई नहर पटरी की भराई नहीं की। बीते तीन दिन पहले नहर चालू होने के कारण मौजे की सैकड़ों बीघा में खड़ी चना, मटर, मसूर, लाही की फसल जलमग्न हो गई। पीड़ित किसान शिवकुमार लोधी, रमाशंकर, संतोष कुमार आदि ने बताया कि उन्हाेंने सिंचाई विभाग व विद्युत विभाग के अधिकारियों को जलभराव की आशंका से अवगत कराते हुए नहर को सही कराने की मांग की थी। लेकिन अधिकारियों ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। जिससे नहर में अचानक पानी आने पर उनके खेतों में खड़ी फसलें डूबकर नष्ट हो गईं। किसानों ने प्रशासन से विद्युत विभाग और सिंचाई विभाग द्वारा की गई लापरवाही से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।