नारायच गांव से तीन दिन लापता हुए युवक की हत्या की
आशंका आखिर सच साबित हुई। मुख्यालय में बेतवा नदी में युवक का शव मिलने से
ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। नाराज ग्रामीणों ने शव गांव आने पर हाइवे पर
जाम लगा दिया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
पुलिस घटना की तह तक जाने के लिए दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर
रही है। हत्या के पीछे जमीनी विवाद बताया जाता है।
नारायच गांव में 7
अगस्त की रात करीब 8 बजे से बच्चा उर्फ बदरूद्दीन (33) पुत्र नत्थू घर से
निकल गया। दो दिन बाद उसके बड़े भाई नन्हू उर्फ मुबीन ने कोतवाली में
गुमशुदगी दर्ज कराई।
पुलिस के निष्क्रिय रहने पर रविवार शाम परिजनों व
ग्रामीणों ने हाइवे पर जाम लगाया।
मृतक के छोटे भाई
ईशा ने बताया कि रात में जाम के दौरान एक ट्रक चालक ने बेतवा नदी में शव
होने की सूचना दी तो रात में नाव के सहारे मुख्यालय के केशरिया डेरा की ओर
बढ़े तो शव मिल गया।
कहा कि वजनी वस्तु प्रहार कर भाई की हत्या की गई है।
उधर सोमवार को जब पोस्टमार्टम के बाद बच्चा का शव गांव पहुंचा तो नाराज
ग्रामीणों ने नेशनल हाइवे पर जाम लगा दिया।
कुछ लोगों ने सदर विधायक के
खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सूचना पाकर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक,
उपजिलाधिकारी तथा क्षेत्राधिकारी आदि ने समझा-बुझाकर करीब एक घंटे बाद जाम
खुलवाया। पुलिस ने पूछताछ के लिए आरोपी ट्रक चालक/मालिक रामू समेत दो को
हिरासत में लिया है।
पुलिस आरोपी रामू के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने में
जुटी है। मृतक के भाई नन्हू उर्फ मुबीन ने बताया कि मंगलवार को तहरीर
देंगे, अभी तक किसी के खिलाफ तहरीर नहीं दी है।
इस मामले में कोतवाल एचडी
सिंह ने कहा कि पारिवारिक जमीनी विवाद के कारण हत्या को अंजाम दिया गया है।
जल्द मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।