मझगवां थाने के सिकरौधा गांव में जंगल से गुजर रहे एक वृद्ध की अज्ञात लोगों ने गोली मार हत्या कर दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक के पुत्र ने गांव के एक युवक और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामला करीब 55 साल पुरानी रंजिश का बताया जाता है।
सिकरौधा गांव निवासी मुकुंदी लाल खंगार (75) पुत्र रघुनाथ के तीन पुत्र शिवकुमार, रघुवीर और प्रेमनारायन हैं औप तीनों दिल्ली में मजदूरी करते हैं। अभी कुछ दिन पहले उसका छोटा पुत्र प्रेमनारायन गांव आया है।
रविवार को झिन्नावीरा गांव में हाट लगी थी। मुकुंदी हाट में सब्जी खरीदने के लिए गया था। बता दें कि झिन्नावीरा गांव पहुंचने के लिए करीब दो किमी जंगल से गुजरना पड़ता है।
रात में जब मकुंदी घर वापस नहीं आया तो परिजनों ने तलाश की पर कुछ पता नहीं चला। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने जंगल के रास्ते अफोर तालाब के पास पगडंडी में एक वृद्ध का शव पड़ा देख पुलिस को सूचना दी।
मृतक के बेटे प्रेमनारायन ने बताया कि उसके पिता के पीठ में एक गोली लगी थी और सिर पर गंभीर चोटें थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
प्रेमनारायन ने गांव के केश कुमार पुत्र गुलाब और उसके कुछ साथियों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रेमनारायन ने बताया कि उसके पिता की पुरानी रंजिश गांव के केश कुमार के परिवार से थी।
बताते हैं कि 1962 के आसपास मुकुंदी लाल ने गांव के सूरा उर्फ नाथूराम पुत्र गजाधर की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी थी। सूरा केश कुमार का पारिवारिक चाचा था।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 55 साल पहले हुई सूरा की हत्या के मामले में मुकुंदी को 20 साल की सजा हुई थी। करीब तीन साल बाद मुकुंदी अपील पर छूट कर आ गया था। तबसे इन दोनों परिवारों के बीच शांति थी, अब मौका पाकर हत्या कर दी गई।
मझगवां थानाध्यक्ष विनय कुमार ने बताया कि रंजिश बहुत पुरानी है। बताया कि मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है। नामजद हत्यारोपी की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है।