राठ में बाल्मीकि समाज की भर्ती के लिए प्रदर्शन करतीं महिलाएं।
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नगर पालिका परिषद में सफाई कर्मचारियों की भर्ती में अन्य वर्गों को शामिल करने का बाल्मीकि समाज ने विरोध किया है। शनिवार को कस्बे के सैकड़ों सफाई कर्मियों ने हाथों में झाड़ू लेकर विरोध प्रदर्शन कर जुलूस निकाला। सफाई कर्मियों और बाल्मीकि समाज के लोगों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा।
नगर निकायों में सफाई कर्मियों की भर्ती होनी है। इस भर्ती में सफाई कर्मी के पद के लिए अन्य वर्गों से भी आवेदन मांगे गए हैं। जिसे लेकर बाल्मीकि समाज में रोष व्याप्त है। शनिवार को उप्र प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले सैकड़ों महिलाओं और पुरुष सफाई कर्मियों ने कस्बे में जुलूस निकाला। नगर पालिका कार्यालय से शुरू हुआ जुलूस विभिन्न मोहल्लों से घूमता हुआ तहसील पहुंचा। जहां पर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जुलूस मेेंलोग हाथों में झाड़ू लेकर निकले। महिलाएं सफाई कर्मचारियों की नौकरी बाल्मीकि समाज को दो जैसे जोशीले नारे लगा रहीं थीं। सफाई मजदूर संघ के नगर अध्यक्ष मातादीन बाल्मीकि ने कहा कि सफाई का कार्य बाल्मीकि समाज के लोगों द्वारा किया जाता है। इसलिए यह अधिकार बाल्मीकि समाज को मिलना चाहिए। बता दें कि राठ नगर की करीब दो लाख की आबादी है।
सफाई व्यवस्था के लिए नगर पालिका में 45 सफाई कर्मी स्थाई और करीब 45 संविदा कर्मी हैं। मुन्ना भारती ने कहा कि सरकार ने नगर पालिका में 71 पद सृजित किए हैं। आरक्षण के हिसाब से देखा जाए तो बाल्मीकि समाज के लोगों के लिए सिर्फ 16 पद हैं। सरकार को सफाई कर्मी के लिए बाल्मीकि समाज के लोगों की ही भर्ती करनी चाहिए। जुलूस के दौरान प्रेमचंद्र भारती, रामकिशन, दयाशंकर भारती, प्रेमचंद्र, दिलीप, मदन, रामकृपाल, तुलाराम, चंदिया, बबली, सुमित रानी, मुन्नी, कुंती, जानकी, विद्या, गीता आदि लोग शामिल रहे।