भरुआसुमेरपुर। ब्रांडेड शराब की बोतलों में नकली क्यूआर कोड एवं ढक्कन लगाकर बिक्री का मामला सामने आने के बाद सुरा प्रेमी अब अपने पसंदीदा ब्रांडों को शक की निगाहों से देखने लगे हैं। उधर कस्बे में नकली शराब खपाने के प्रकरण में आबकारी एवं पुलिस के हाथ खाली हैं। जबकि कानपुर आउटर पुलिस के हत्थे चढ़े नकली शराब कारोबारी ने कस्बा सहित जनपद के ठेकों में खपाने की बात को बोली थी।
पिछले शुक्रवार को कानपुर आउटर के पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार सिन्हा ने खुलासा किया था कि नकली शराब तैयार कर बड़े पैमाने पर सुमेरपुर सहित जनपद के अन्य भागों में खपाई जा रही है। कानपुर पुलिस ने यह खुलासा नकली कारोबार में शामिल फतेहपुर निवासी राजीव गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद किया था। कानपुर पुलिस ने इसके पास से नकली क्यूआर कोड व ढक्कन आदि सामग्री भारी मात्रा में पकड़ी थी। इस प्रकरण में और बड़ी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है, लेकिन खुलासा होने के बाद भी स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग चुप है। उधर नकली शराब बिक्री का मामला उजागर होने पर सुरा प्रेमी सतर्क हो गए हैं। खरीदारी करते समय यह अपने पसंदीदा ब्रांडों को शक की नजर से देख सेल्समैनों से सवाल जवाब करने लगे हैं। एक सेल्समैन ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रोजमर्रा के ग्राहक कभी ब्रांड पर टीका टिप्पणी नहीं करते थे, लेकिन मीडिया में खबरें आने के बाद सवाल उठाने लगे हैं। उधर प्रभारी थानाध्यक्ष चंद्रशेखर ने बताया कि अभी तक नकली शराब कस्बे में लाकर खपाने का कोई सबूत हाथ नहीं लगे हैं। गोपनीय तौर पर इसकी जांच पड़ताल कराई जा रही है।