बीते मंगलवार की शाम मसगांव के पास हुई लूट की घटना को मुस्करा पुलिस ने जांच में झूठा पाया है। पुलिस ने बताया कि राशन की दुकान निलंबित होने से नाराज कोटेदार ने विरोधियों को फंसाने के लिए लूट का नाटक रचा था।
न्यूरिया गांव की कोटेदार पूनम व उसके भाई रोहित तथा मनोज पुत्रगण देवकरन अपने कोटे का तेल उठाने बीते मंगलवार को मुस्करा गए थे। देर शाम इंतजार करने के बावजूद तेल की उठान नहीं हो सका। वहां के डीलर ने तेल के जमा 40 हजार रुपये वापस कर दिए। महिला कोटेदार तो किसी वाहन से शाम को ही घर वापस आ गई। लेकिन उसके दोनों भाई को देर शाम लौटते समय मसगांव के निकट मुख्य मार्ग पर कुछ लोगों ने लूट लिया। पीड़ितों ने बताया था कि दो बाइकोेें में सवार चार युवकों ने ट्रैक्टर रोका मारपीट शुरू कर दी।
बदमाशों ने उनके तेल के 40 हजार रुपये व अलग पड़े दस हजार रुपये छीन लिए। बुधवार को पीड़ितों ने मुस्करा थाने में इस घटना की तहरीर दी। मुस्करा थानाध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि तहरीर में जिन पर आरोप लगाया गया है। उन युवकों से पूछताछ की गई है। जहां युवकों ने बताया कि राशन की दुकान मंगलवार को ही निलंबित हुई है। उन्हीं लोगों की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई है। इस कार्रवाई से नाराज कोटेदार ने उन लोगों को फंसाने के लिए लूट का आरोप लगाया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच करने के बाद युवकों को भी छोड़ दिया गया।