सुमेरपुर कस्बे में करीब दो वर्ष पूर्व एक विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा कक्षा तीन में पढ़ने वाली छात्रा के साथ बलात्कार करने के मामले में बुधवार को अपर सत्र न्यायालय कोर्ट एक के न्यायाधीश ने आरोपी को दस वर्ष की सश्रम कारावास व तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता देव सिंह यादव ने बताया कि कानपुर जनपद के नौबस्ता थानाक्षेत्र के मछरिया निवासी ओमजी जिले के सुमेरपुर कस्बे में रामा स्टडी सेंटर के नाम से विद्यालय चलाता था और स्वयं विद्यालय का प्रधानाध्यापक था। जिसने बीते 21 जुलाई 2014 को विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा तीन की एक छात्रा के साथ बलात्कार की घटना को अंजाम दिया।
जिस पर पीड़िता के चिल्लाने पर उसने उसे घर में यह बात न बताने की धमकी दी और कहा कि उसे इस विद्यालय से निकाल देगा। इस घटना की जानकारी पीड़िता ने अपनी मां को दी। घटना के दूसरे दिन पीड़िता की मां ने प्रधानाध्यापक को थाने ले जाकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई।
न्यायालय में पीड़िता ने अपने बयान दर्ज कराए थे। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक की न्यायाधीश दीपा जैन ने बलात्कार के आरोपी प्रधानाध्यापक को दोषी पाए जाने पर उसे दस वर्ष के सश्रम कारावास व तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। गौरतलब हो कि घटना के बाद से आरोपी कारागार में निरुद्ध है।