जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर की अध्यक्षता में हुए तहसील सभागार दिवस में बिजली, पानी का मुद्दा छाया रहा। ज्यादातर शिकायतें इन्हीं से जुड़ी पहुंची। इस मौके पर 136 शिकायतों में 36 का मौके पर निस्तारण किया गया।
जिलास्तरीय तहसील दिवस में रिटायर्ड एडीओ रामकिशन अनुरागी ने बताया कि 22 मई की रात चोर उसके घर से लाइसेंसी रिवाल्वर सहित नगदी व जेवरात चुरा ले गए थे। जिसका खुलासा आज तक नहीं हुआ है। संतोष कुमार ने नगर पंचायत में व्याप्त अनियमितताओं की शिकायत की।
ममना गांव के बाबू, रामनारायन, लाखन सिंह, रज्जन तिवारी, अर्जुन सहित अन्य ने पेयजल संकट होने की शिकायत करते हुए जलापूर्ति की व्यवस्था कराए जाने की मांग की। टाई गांव के नत्थू, मूलचंद्र, रामकली ने लेखपाल पर सूखा राहत चेक न देने की शिकायत की। ममना गांव के गरीबा विश्वकर्मा ने भेड़ी डांडा के पूर्व प्रधान शिवकुमार उर्फ भुल्लू पर धोखाधड़ी से उसके किसान क्रेडिट कार्ड की धनराशि निकाल लेने की शिकायत की।
खेड़ाशिलाजीत गांव के हरिशरण, पन्नालाल, छिद्दू, आनंद, आशुतोष, पुष्पेंद्र, रामप्रकाश, हरी सिंह सहित आधा सैकड़ा लोगों ने खेड़ा से बंधौली मार्ग निर्माण में भारी गड़बड़ी की शिकायत करते हुए जांचकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग। बिजली से जुड़ी कई शिकायतें भी आईं। पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी, सीडीओ अवधेश बहादुर सिंह, एसडीएम एसई अग्रवाल, तहसीलदार मनोज कुमार सहित तमाम विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
गैरहाजिर छह अफसरों पर कार्रवाई की संस्तुति
मौदहा। अपर जिलाधिकारी कुंज बिहारी अग्रवाल ने तहसील दिवस में बिजली, पानी व भूमि संबंधित विवादों के मामले सुनने के साथ अधिकारियों के न आने पर जमकर क्लास ली। पुलिस का कोई भी प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। ऐसे में शिकायतों का निस्तारण नहीं हो सका।
एडीएम की अध्यक्षता में तहसील दिवस आयोजित हुआ। कुर्सियां खाली देख उन्होंने हर विभाग के एक-एक अधिकारी को तलब करना शुरू किया। तो आधा दर्जन अधिकारी तहसील दिवस में उपस्थित नहीं मिले। अनाधिकृत रूप से आए कर्मियों एडीएम ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। वन विभाग के रेंजर के स्थान पर वन दरोगा उपस्थित मिला। रेंजर की खोज खबर ली गई तो कर्मी ने बताया कि वह राठ के तहसील दिवस में हाेंगे।
लेकिन जब राठ में पता किया तो वहां से भी वह नदारद मिले। मोबाइल पर संपर्क करने पर पता चला कि वह झांसी गए हैं। अपर जिलाधिकारी ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। जलनिगम के उपखंड अधिकारी गायब रहे। उनके स्थान पर विभाग के अवर अभियंता आए। जब उनसे पुरानी शिकायतों के निस्तारण की जानकारी ली तो उन्होंने कंप्यूटर लिपिक पर सारा दोष मढ़ दिया।
उपखंड शिक्षाधिकारी मौदहा जिन्हें कई जगह का चार्ज मिला हुआ है, वह नजर नहीं आए। मौदहा बांध से सींचपाल के आने पर एडीएम ने अधिशाषी अभियंता से वार्ता की और सक्षम अधिकारी के न आने पर रोष प्रकट किया। सींचपाल को तहसील दिवस से वापस कार्यालय भेज दिया गया। एडीएम ने बताया कि सबके खिलाफ अलग-अलग कार्रवाईयां सुनिश्चित की जाएंगी। बिना कारण व पूर्व सूचना के यदि वह उपस्थिति नहीं हुए तो उनको बख्शा नहीं जाएगा।