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चोक नाले ने ढाया कहर, गिर गए 35 मकान

Wed, 17 Aug 2016 12:50 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, हमीरपुर
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मकान के मलबे में दबे सामान को निकालते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
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बारिश से उफनाए नाले के चोक होने के बाद पानी कुसमरा गांव में घुस गया। जिससे गांव के करीब 35 लोगों के कच्चे मकान जमीदोंज हो गए। बेघर लोगों को गांव के स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक विद्यालय पर ठहराया गया है। मंगलवार को एडीएम डा.राजेश कुमार प्रजापति राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और क्षति का आंकलन करने और कोटेदार को निर्देशित कर पीड़ितों का राशन सामग्री मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
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जिले में बीते दो दिनों से हो रही बारिश से कच्चे मकानों का गिरने का सिलसिला जारी है। कुरारा विकासखंड क्षेत्र में रविवार की रात करीब तीन बजे से शुरू बारिश से कुसमरा गांव के बाहर बना नाला उफना गया। ग्रामीण बताते हैं कि नाले की सफाई न कराए जाने से वह चोक हो गया है और नाले का पानी खेतों में जा घुसा।

जब खेत व नाला के लेबिल पानी से बराबर हो गया तो यही पानी गांव के मकानों में घुस गया। जिससे गांव के करीब 35 लोगों के कच्चे मकान जमीदोंज हो गए। बारिश के पानी से प्रभावित रामनारायण भुर्जी, रामप्रकाश, छोटेलाल, दयाराम, राजेंद्र, रामकेश, अजीत, रामप्रकाश शिवहरे, संतोष, नत्थू, सुधी, देवीदयाल, रामबाबू, श्रीबाबू, ज्ञानवती, जगदेव, कुवंर बहादुर, शिवबहादुर, शिवनारायन, सूबेदार, संतोष कुशवाहा, रज्जन द्विवेदी, शिवशंकर, श्रीकृष्ण, जगन्नाथ, पुत्तुलाल, रामशरण कुशवाहा, रामखिलावन, लालसिंह, रज्जन  व पप्पू धोबी के मकान जमीदोंज हुए है।
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मंगलवार को अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार प्रजापति, एसडीएम रामभवन तिवारी, तहसीलदार सालिगराम, नायबतहसीलदार, लेखपाल, सचिव, सीओ सीताराम, थानाध्यक्ष कुरारा सुभाष यादव आदि मौके पर पहुंचे। एडीएम ने सभी पीड़ितों का ढाढंस बधाते हुए उनके ठहरने की व्यवस्था गांव के ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक विद्यालय में कराई है। इसके साथ ही उन्होंने गांव के कोटेदार को निर्देशित कर सभी पीड़ितों को राशन सामग्री उपलब्ध कराने को कहा है।

एडीएम ने बताया कि राजस्व टीम से क्षति का आकंलन कराया जा रहा है। सभी पीड़ितों को दैवीय आपदा से नुकसान की भरपाई की जाएगी। उधर ब्लाक क्षेत्र के डामर गांव में श्रीचंद्र यादव का मकान जमींदोज हो गया। इससे उसका करीब 70 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। मौदहा प्रतिनिधि के अनुसार सिसोलर गांव में बारिश के चलते बदलू, आतम, गुरुप्रसाद, शिवप्रसाद, रामकिशुन, ज्ञान सिंह, रणधीर, रामकिशोर यादव, राजन, पप्पू, रामकिशोर, रामखिलावन, रामआसरे व नन्हेलाल, राकेश सिंह, गोकुल, वीरसिंह, चंदी, रामकेश, मंजीत व राजू के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।

गहरौली। शनिवार की रात से रुक-रुककर हो रही मूसलाधार बारिश ने सोमवार को जमकर कहर बरपाया। जलभराव से खरेला मार्ग पर सड़क के ऊपर एक मीटर पानी बह रहा है। इसी प्रकार मुस्करा तिगैला मार्ग पर भी सड़क के ऊपर दो फीट तक पानी बह रहा है। हुसैना निकास श्याम नाला की यही स्थिति है। गांव के चारों तरफ पानी भर जाने से ग्रामीण दो दिनों से गांव के बाहर नहीं जा पा रहे हैं।

गांव टापू बन गए हैं। गांव के देवी मंदिर के पास कछवात मोहाल एवं हरिजन बस्तियों का हाल यह है कि लोगों के घरों के भीतर एक फीट तक पानी भरा है। ग्रामीणों ने जलनिकासी के लिए खंड विकास अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी को फोन से सूचना दी। लेकिन मौके पर दो दिन बाद भी कोई नहीं पहुंचा। वहीं, बारिश के चलते गांव के लोगों के कच्चे मकान ढह गए हैं।

जिसमें श्रीप्रकाश सोनी, रिंकू द्विवेदी, बब्बू मुसलमान, अवधेश कुशवाहा, रामसेवक यादव, सुंदर एवं सुक्खा कुशवाहा, सियाराम यादव, कल्लू कुशवाहा, रामदीवान अहिरवार, रामपाल आदि के मकान शामिल हैं। रामपाल बाल्मीकि के मकान के गिरने से उसकी तीन बकरियां भी दबकर मर गईं।

पौथिया प्रतिनिधि के अनुसार, गांव निवासी जसवंत सचान (50) अपने घर के बरामदे में सोमवार को सो रहे थे। देर रात से हो रही बारिश से सुबह तड़के मकान भरभरा कर ढह गया। जिसमें जसवंत दब गया। जिसे परिजनों ने सदर अस्पताल में भर्ती कराया।
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