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चंद्रावल बांध का जलस्तर खतरे के निशान के करीब

Wed, 17 Aug 2016 12:34 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, हमीरपुर
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चंद्रावल नदी पर बना बांध हुआ लबालब - फोटो : अमर उजाला
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वर्षों से सूखा झेल रहे किसानों को झमाझम बारिश का तोहफा मिला तो फसलें लहलहा गईं। खेत व तालाब भरने के साथ बांध भी लबालब हो गए। अब लगातार बारिश से चंद्रावल बांध अपनी जलभराव की क्षमता के निकट पहुंच गया। जिससे मंगलवार की रात या बुधवार की सुबह तक बांध के दो फाटक आधे खोले जाएंगे। इनसे 1775  क्यूसेक पानी निकलेगा।
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चंद्रावल नदी इस इलाके की बड़ी नदी है और इस नदी पर शिहोर गांव के पास सिंचाई के लिए 1973 में बंाध बनाया गया था। यहां के बांध में तैनात अवर अभियंता नरेश विश्वकर्मा ने बताया कि बांध का जल भराव क्षेत्र 5200 वर्ग मीटर है और ऊंचाई की क्षमता 502 फीट तक है। इसका डेड लेबिल 482 फीट है। बीते वर्षों में बारिश न होने से यहां का जल स्तर डेड लेबिल से भी नीचे रहा।

लेकिन इस वर्ष बारिश होने से मंगलवार को 499 फीट पर पानी का स्तर पहुंच गया है। इसके चलते रात में छह फाटकों में दो को आधे खोले जाएंगे। जिनसे 1775 क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड निकलेगा। उन्होंने बताया कि इसकी सूचना विभागीय एसडीओ विनय कुमार जैन और मौदहा एसडीएम किशोर गुप्ता को दी गई है।
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उपजिलाधिकारी किशोर गुप्ता ने बताया कि चंद्रावल नदी के किनारे वाले गांव गुढ़ा, भवानी, गहबरा, चमरखन्ना, छिरका, मवइया, नारायच, मदारपुर, छिमौली, सिजनौड़ा, परछछ, पढ़ोरी, घीहा डेरा, लितसरस, टोला आदि गांवो के प्रधानों को गांव में मुनादी कराने व नदी के किनारे की बस्तियों को सुरक्षा की दृष्टि से एलर्ट कर दिया गया है। इस पर स्थानीय प्रशासन पूरी नजर रखे है। हर जगह बाढ़ की स्थिति आने पर प्रभावित लोगों को ठहरने का प्रबंध किया गया है।

केंद्र व प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय दैवी आपदा प्रबंधन के लिए करोड़ाें रुपये खर्च किए। इसके लिए ऊपर से ग्रामीण स्तर तक लोगों को प्रशिक्षित किया गया। बाढ़ आने पर पूरा मानचित्र बनाने के साथ लाखाें रुपये के उपकरण मुहैया कराए गए। लेकिन अभी तक यह उपकरण एक कमरे में बंद हैं। गांवों से संपर्क मार्ग कट जाने से कुछ इलाकों में जाना भी मुमकिन नहीं है। खास बात यह है कि प्रशासन ने कहीं भी नावों का प्रबंध नहीं किया है। न ही गांवों में निजी नावें हैं और न विभाग के पास नाव है। बाढ़ की स्थिति में लोगों की दुश्वारियां बढ़ सकती हैं। प्रशासन भाग दौड़ कर बचाव की बातें ही कर पाएगा।
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