हमीरपुर। किशोरी को टॉफी खिलाने के बहाने घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के प्रयास के नौ साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश पॉस्को एक्ट कीर्तिमाला सिंह की अदालत ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोषी बेटे को पांच साल व दोषी पिता को तीन साल की सजा सुनाई है। दोनों पर अलग-अलग अर्थदंड लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
कोतवाली मौदहा के एक मोहल्ला निवासी अनुसूचित जाति के पीड़ित पिता ने पुलिस को तहरीर दी थी। बताया कि दो अप्रैल 2015 को सुबह करीब 10 बजे वह व उसकी पत्नी खेतों में कटाई करने गए थे। नाबालिग बेटी घर पर अकेली थी। शाम लौटे तो पीड़िता ने बताया कि मोहल्ले का राजकुमार ने उसे टॉफी दिलाने के बहाने घर लेजाकर गलत काम करने का प्रयास किया। उलाहना देने पर आरोपी के पिता ने उल्टा उसी के साथ गालीगलौज कर भगा दिया।
पुलिस ने पॉस्को एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्जकर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। जिसकी सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषी बेटे राजकुमार को पांच साल का कठोर कारावास व 16 हजार का अर्थदंड लगाया है। जबकि दोषी पिता रामकिशुन पर जानमाल की धमकी व गाली गलौज में तीन साल की सजा व छह हजार का जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।