100 फुट ऊंचे टावर पर युवक का हाईवोल्टेज ड्रामा
- फोटो : amar ujala
केंद्र सरकार की पं.दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से जिले क ो सात पावर सबस्टेशनों की सौगात मिली है। स्टेशनों की स्वीकृति मिलने के बाद पावर कारपोरेशन ने राजस्व विभाग को पत्र लिखकर जमीन की मांगी है। वहीं जिले के 197 गांवों का विद्युतीकरण कराया जाना प्रस्तावित है। लेकिन इस कार्य स्वीकृति का इंतजार है।
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से जिले में सात पावर सबस्टेशनों के निर्माण कराने की स्वीकृति मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों को पर्याप्त बिजली मिल सकेगी। फिलहाल कुरारा ब्लाक के बेरी और कुसमरा, ब्लाक मौदहा ब्लाक के परेहटा, सुमेरपुर ब्लाक के बिदोखर, मुस्करा ब्लाक के इमिलिया, गोहांड के अमूंद, सरीला ब्लाक के झबरा में सबस्टेशनों की स्वीकृति मिल गई है। इसके बाद पावर कारपोरेशन जमीन की तलाश में जुट गया है। ग्राम समाज की जमीन को लेकर कारपोरेशन ने जिलाधिकारी को पत्र भेजा है।
वहीं 100 से कम आबादी के 197 गांवों को बिजली मुहैया कराना प्रस्तावित है। लेकिन इस कार्य की फाइल अभी शासन स्तर पर लंबित है। इसके बावजूद ग्रामीणों को बिजली से राहत नहीं मिल सकी है। अभी तक ट्यूबवेेल और गांवों की लाइनें एक ही हैं। जिससे अत्यधिक लोड पड़ता है और ट्यूबवेल नहीं चल पाते हैं। बता दें कि पीएम को घोषणा किए काफी वक्त गुजर चुक ा है। लेकिन जिले में अभी तक इस योजना पर कोई काम नहीं हो सका है।
उधर कांग्रेस सरकार में संचालित राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना से जिले के 565 विद्युत विहीन गांवों क ा विद्युतीकरण कराया जा रहा है। बीते दो साल से इस योजना के फेज टू के तहत 175 गांव ही संतृप्त हो सके हैं। इसके साथ पावर स्टेशनों में क्षमता वृद्धि कराई गई है। इस सबके बावजूद केंद्र सरकार की दीनदयाल उपाध्याय योजना अभी तक चालू नहीं हो सकी है। अधिशाषी अभियंता एससी श्रीवास्तव ने कहा कि पं.दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से जिले में सात स्थानों पर सबस्टेशन बनाने की स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए राजस्व विभाग को पत्र लिखकर संबंधित गावों में ग्रामसमाज की जमीन दिलाने को कहा है।