खरीफ अभियान में किसानों के लिए आया बीज गोदामों में डंप है। बारिश में देरी से खेती-किसानी का कार्य प्रभावित है। ऐसे में कृषि विभाग की कवायद बेकार हो रही है। कम बारिश की संभावना देख किसानों को तिल की खेती करने की सलाह दी जा रही है। कृषि विभाग तिल के बीज पर 80 रुपये किलो अनुदान दे रहा है, जबकि उड़द, मूंग और अरहर के बीज पर 25 रुपये प्रति लोग अनुदान मिल रहा है।
बारिश कम होने के संके त मिलते ही कृषि विभाग तिल की खेती पर जोर देने लगा है। पिछले साल सूखे के हालात के चलते तिल की फसल बोने वाले किसान फायदे में रहे हैं। इस साल भी बारिश कम होने की आशंका देख कृषि विभाग ने 100 क्विंटल बीज जिले के कृषि गोदामों में भेजा है। गोदामों में शेखर प्रजाति का 70.06 क्विंटल तिल का बीज आया है, जबकि आरटी-346 प्रमाणित 30.24 क्विंटल तिल का बीज उपलब्ध है। उड़द की चार प्रजातियों का बीज किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें आजाद-3 प्रजाति का फाउंडेशन बीज 7.44 क्विंटल, आजाद-3 प्रमाणित 50 क्विंटल, उड़द आजाद-2 फाउंडेशन 1.05 क्विंटल, पीयू 31 प्रमाणित 7.66 क्विंटल बीज कृषि विभाग ने उपलब्ध कराया है। मूंग की एसएमएल 668 प्रमाणित बीज 20.24 क्विंटल आया है। सोयाबीन की पीएस प्रजाति का प्रमाणित बीज 20.40 क्विंटल, मूंगफली टीएजी-24 प्रमाणित 24.16 क्विंटल, अरहर की तीन प्रजातियां नरेंद्र प्रमाणित 9.50 क्विंटल, अमर प्रजाति का प्रमाणित बीज 4.70 क्विंटल और उपास 120 प्रमाणित बीज 2.25 क्विंटल गोदामों में आ गया है। केंद्रीय बीज भंडार के प्रभारी पीडी प्रजापति ने बताया कि सातों विकास खंडों के गोदामों के साथ इमिलिया, बिवांर और मुख्यालय के बफर गोदामों में बीज उपलब्ध हैं। बताया कि अभी तिल, उड़द और मूंग के रेट शासन से आए हैं, जबकि अरहर में उपास प्रजाति का रेट 93 रुपये किलो है, जिसमें अनुदान देय नहीं है। बताया कि तिल 192 रुपये प्रति किलो, उड़द 112 रुपये प्रति किलो, मूंग 128 रुपये प्रति किलो की दर से बिक्री की जानी है। बताया कि इन बीजों में तिल पर 80 रुपये और उड़द, मूंग में 25 रुपये प्रति किलो अनुदान किसानों को दिया जाएगा। अन्य बीजों के रेट अभी नहीं आए हैं। कहा कि बारिश होने पर इनकी बिक्री शुरू की जाएगी।