मौदहा में परिषदीय स्कूल में जड़ा ताला।
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कस्बे के मराठीपुरा मोहल्ले में के वनबाबा के निकट किराये के मकान में संचालित परिषदीय स्कूल में मकान मालिक ने ताला डाल दिया। इसके चलते नए सत्र की कक्षाएं ठप हो गईं। अब नए भवन की तलाश में विभागीय शिक्षक और अधिकारी घूम रहे हैं। वहीं स्कूल बंद होने से 55 बच्चों का भविष्य संकट में है। मकान मालिक का कहना है कि किराया न बढ़ाने पर उसने मकान खाली करने को पत्र भेजा था।
केवन बाबा के निकट रामदयाल गिरी की पक्का मकान है। उसने 1985 में 450 रुपये मासिक किराये पर शिक्षा विभाग को दो कमरे दिए थे। कुछ साल बाद उसने किराया बढ़ाने की मांग शुरू की तो बेसिक शिक्षा विभाग ने नकार दिया। दो साल पहले मकान मालिक ने एक कमरे में कब्जा कर लिया। एक ही कमरे में शिक्षण चल रहा था। रामदयाल ने मकान खाली कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा। इस पर भी सुनवाई न होने पर उसने 16 जून 2015 को मुख्यालय में भूख हड़ताल शुरू कर दी। मौके पर पहुंचे तत्कालीन अपर जिलाधिकारी ने मकान खाली कराने का आश्वासन देकर अनशन खत्म करा दिया।
तत्कालीन बीएसए ने पत्र संख्या 1008/11 दिनांक 21 जून 2015 के जरिये आश्वासन दिया कि सत्र समाप्त होते ही 31 मार्च को भवन खाली करा दिया जाएगा। मकान मालिक ने अधिकारियों को सूचना दे दी कि यदि विद्यालय नहीं खाली किया तो वह ताला डालकर कब्जा कर लेगा। उसने कहा कि टीचरों ने सामान नहीं निकाला है, इसके लिए वही जिम्मेदार हैं। स्कूल की प्रधानाध्यापिका कृष्णा श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल में 55 छात्र हैं। नए सत्र की शुरूआत करने के लिए जब वह पहुंची तो ताला लगा मिला। अभिलेख व सामग्री बंद है। इस मामले की सूचना उसने अधिकारियों को दे दी है।