बिजली विभाग ने ज्यादा से ज्यादा कनेक्शन देने व बकाया वसूलने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। बिना कनेक्शन बिजली जलाने वालों को विभाग ने खासी राहत दी है। ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता मात्र 130 रुपये जमा करके कनेक्शन ले सकते हैं। शेष धनराशि सौ रुपये की मासिक किस्त में 12 महीनों में चुकानी होगी। शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को 250 रुपये जमा करने होंगे। जबकि सौ रुपये की मासिक किस्त 13 महीनों तक देनी होगी। ये सुविधा एक किलो वाट के कनेक्शन के लिए है। दो किलो वाट के लिए भी शुल्क तय किया गया है।
इसी प्रकार बकाया बिल जमा करने वालों को सरचार्ज में सौ फीसदी की छूट दी जाएगी। इससे 52069 उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। इन पर दो अरब 48 लाख का बकाया है। बकाएदार उपभोक्ताओं पर 86 करोड़ 81 लाख सरचार्ज है। ये अभियान महकमे ने 10 अप्रैल से शुरू भी कर दिया है।
न्यूनतम शुल्क में कनेक्शन देने की योजना
भार श्रेणी प्रथम भुगतान मासिक किस्त समयावधि
एक किलोवाट घरेलू ग्रामीण 130 रुपये 100 रुपये 12 माह
दो किलोवाट घरेलू ग्रामीण 250 रुपये 100 रुपये 13 माह
एक किलोवाट घरेलू शहरी 205 रुपये 100 रुपये 16 माह
दो किलोवाट घरेलू शहरी 625 रुपये 100 रुपये 16 माह
नए संयोजन लेने के लिए ये कागजात लाने होंगे
संयोजन प्राप्त करने के लिए आवेदनकर्ता को दो फोटो, बंध्य पत्र, निवास प्रमाण पत्र, केवाईसी, आधार कार्ड, वोटर आईडी, मोबाइल नंबर आदि प्रपत्र लाने हाेंगे।
सरचार्ज में घरेलू, कामर्शियल व निजी नलकूप को 100 व औद्योगिक को 50 प्रतिशत छूट
शासन ने शहरी व ग्रामीण क्षेत्राें के घरेलू, कामर्शियल, निजी नलकूप व औद्योगिक बिजली बकाएदाराें को एक और सहूलियत दी है। बकाया अदा करने पर 100 प्रतिशत सरचार्ज में छूट दी गई है। वहीं, शहरी उपभोक्ता 15 अप्रैल से 31 मई तक व ग्रामीण उपभोक्ता 15 अप्रैल से 15 जून तक एक हजार रुपये जमा कर पंजीयन करा सकते हैं। इस धनराशि को बाद में समायोजित किया जाएगा। औद्योगिक इकाइयों को 50 प्रतिशत सरचार्ज की छूट मिलेगी। इन्हें 15 अप्रैल से 15 मई तक पांच हजार रुपये देकर पंजीयन करना होगा। निजी नलकूपों में बकाया धनराशि अदा करने के लिए किसान को पहली बार बकाए का 25 प्रतिशत या कम से कम 10 हजार रुपये जमा करना होगा। दूसरी किस्त में बकाए का एक तिहाई और उसके बाद फिर बकाया का एक तिहाई जमा करना होगा। इससे उन्हें बकाया जमा करने में खासी आसानी रहेगी।
इन योजनाओं को विभाग ने लागू कर दिया है। योजना का लाभ उठाकर लोग सम्मानित विद्युत उपभोक्ता बन सकते हैं और विद्युत चोरी रोकने में अपना बहुमूल्य सहयोग दे सकते हैं।
- एससी श्रीवास्तव, अधिशाषी अभियंता, विद्युत वितरणखंड।