हमीरपुर। नगर पंचायत कुरारा की पूर्व चेयरमैन माया वाल्मीकि और वर्तमान चेयरमैन आशारानी कबीर के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विवाद के बाद अब दोनों पक्षों की ओर से शिकायतों के तीर चला रहे हैं। इसी क्रम में एक पक्ष की ओर से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे कराने और सरकारी काम में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की गई है।
चेयरमैन आशारानी कबीर ने जिलाधिकारी को पत्र दिए। उन्होंने पूर्व चेयरमैन के पति कुरारा निवासी घनश्याम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि वह उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के क्षेत्रीय कार्यालय बांदा में लेखाकार पद पर तैनात हैं। आरोप है कि वह नगर में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर रास्ता देकर अवैध कब्जे कराने में सहयोग कर रहे हैं।
आरोप है कि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई किए जाने पर वह कथित रूप से कब्जेदारों का सहयोग करते हैं और मुकदमा आदि दायर कराने के साथ उच्चाधिकारियों से शिकायतें भी कराते हैं। हमीरपुर न्यायालय, तहसील समेत अन्य कार्यालयों में अतिक्रमणकारियों की मदद के लिए मौजूद रहते हैं। नगर पंचायत ने घनश्याम पर विकास कार्यों में बाधा डालने का भी आरोप लगाया है। पत्र के अनुसार नगर पंचायत में काम कर रहे ठेकेदारों को काम न करने के लिए धमकाया जाता है। चेयरमैन ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सत्ता की दिखा रहीं हनक
पूर्व चेयरमैन माया वाल्मीकि ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि चेयरमैन सत्ता की हनक दिखा रही हैं। मेरे दरवाजे पर आकर मेरे साथ अभ्रदता वह पहले ही कर चुकी हैं। पुलिस ने सत्ता में होने की वजह से उन्हीं की बात सुनी और प्राथमिकी लिखी। मेरी प्राथमिकी तक दर्ज नहीं की गई। एसपी से लेकर डीएम के यहां आश्वासन मिला लेकिन हुआ कुछ नहीं। उनका विरोध बता रहा है कि वह किस स्तर की राजनीति कर रही हैं। पूर्व चेयरमैन के पति घनश्याम ने दूरभाष पर बताया कि जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह पूरी तरह निराधार हैं। राजनीतिक द्वेष भावना से वह ग्रसित हैं। फर्जी आरोपों पर वह कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।