मौसम की मार से पैदावार कम होने से इन दिनों महंगा प्याज लोगों के आंसू निकाल रहा है। सब्जी मंडी में प्याज के भाव आसमान छूने से अब लोग जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी करके काम चला रहे हैं। होटलों और ढाबों में खाने के साथ मिलने वाली सलाद की प्लेट में प्याज नजर नहीं आ रहा है।
जिले में पहले बेमौसम बारिश ने प्याज की फसल बर्बादी कर दी। इसका फसल की पैदावार पर असर पड़ा।
इसके बाद बाढ़ से नदियों के किनारे सब्जी उगाने वाले छोटे किसानों की फसलें बाढ़ से बर्बाद हो गई। नतीजतन कम पैदावार होने से इन दिनों प्याज के भाव आसमान छू रहे है।
15- 20 दिन पहले 15 से 20 रुपये प्रति किलो उम्दा किस्म का प्याज आसानी से मिल रहा था। लेकिन इधर सब्जी मंडियों मेें प्याज की आवक कम होने से इसके भाव तेजी के साथ चढ़ने लगे। प्याज महंगा होने से अब लोग काम चलाने भर के लिए ही प्याज खरीद रहे हैं।
मुख्यालय के थोक सब्जी विक्रेता बली अहमद बताते है कम पैदावार होने से प्याज के भाव तेजी से बढ़ रहे है। उन्होेने बताया मौजूदा समय 40 रुपये प्रति किलो प्याज बिक रहा है।
उन्होने बताया पहले दो बोरी प्रतिदिन प्याज की फुटकर बिक्री कर लेते थे लेकिन अब 20 से 25 किलो ही बिक पा रहा है। प्याज की महंगाई का असर होटलों और ढाबों में भी दिखाई देने लगा है। खाने की थाली के साथ मिलने वाली सलाद की प्लेट से अब प्याज नजर नहीं आ रहा है।