एसडीएम को ज्ञापन देते अधिवक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
राठ राठ जिला बनाओ की मांग पर अधिवक्ता संघ ने बुधवार से तीन दिन का कार्य बहिष्कार कर दिया। धरनास्थल पहुंच कर नारेबाजी की। वहीं मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। दो माह से तहसील परिसर में राठ जिला बनाने की मांग को लेकर धरना चल रहा है। अब इसमें अधिवक्ता भी शामिल हो गए। बुधवार को अधिवक्ता संघ राठ के सदस्यों ने तहसील पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी मुहम्मद रिजवान को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि राठ तहसील हमीरपुर जनपद की सबसे बड़ी तहसील तथा व्यवसायिक केंद्र भी है।
राठ तहसील में स्थापित सिविल जज जू.डि. में पांच थानों का न्यायिक क्षेत्राधिकार है, जिसका सेशन का न्यायिक कार्य जिला मुख्यालय में होता है जिसके लिये लोगों को 85 से 130 किलोमीटर तक का सफर तय कर मुख्यालय जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में तहसील राठ, सरीला एवं गरौठा को मिलाकर एक नया जिला राठ सृजित किया जा सकता है जिसमें तीनों तहसीलों की दूरी बमुश्किल 25 से 30 किलोमीटर होगी। ज्ञापन में बताया गया कि राठ को जिला बनाने के लिए बीते 12 मई से जनता तहसील परिसर में धरने पर बैठी है जिसमें संगठन, व्यापारी, किसान, मजदूर, अधिवक्ता आदि हिस्सा ले चुके हैं। इस अवसर पर अधिवक्ता संघ के महामंत्री अखिल नगायच, पूर्व अध्यक्ष रामपाल सिंह यादव, पूर्व अध्यक्ष हरिशंकर रावत, सोभित मिश्रा, राम कुमारी यादव, गनपत सिंह महान, जीतेंद्र राजपूत, संतोष श्रीवास्तव, जमुनादीन राजपूत मौजूद रहे। उधर, सरीला में बार संघ ने बुधवार से शनिवार तक चार दिन हड़ताल पर रहकर न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला लिया है। बार संघ के अध्यक्ष लाखन सिंह राजपूत ने बताया कि जब तक राठ जिला नहीं बन जाता है तब तक हर शनिवार को संघ हड़ताल पर रहकर न्यायिक कार्य से विरत रहेगा। बैठक में पूर्व अध्यक्ष रामसेवक सिंह यादव, बृजमोहन, रामसिंह यादव, पृथ्वीराज, विजय बहादुर सहित संघ के सभी अधिवक्ता मौजूद रहे।