जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। बीते रबी अभियान में पड़े सूखे के बीच बोई गई फसल में पैदावार नगण्य होने पर प्रीमियम जमा करने वाले 34411 किसानों को क्लेम मिलेगा। इससे संबंधित बीमा कंपनी इफको टोक्यो ने किसानों को 34 करोड़ 75 लाख 56 हजार 264 रुपये क्लेम के रूप में बैंकों को भेजा है। वहीं बीमा प्रीमियम जमा करने वाले आठ हजार 98 किसान क्लेम से वंचित रह गए हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में एक लाख 96 हजार 144 किसान हैं। इसके साथ लगभग हर साल प्रकृति छलावा कर रही है। कभी अतिवृष्टि तो कभी सूखा पड़ने से किसानों के सामने गुजर बसर करना मुश्किल पड़ रहा है। बीते रबी अभियान पर ज्यादातर जमीन परती पड़ी रही।
वहीं फसल मौसम की बेरुखी से चौपट हो गईं। चना, मटर, मसूर, लाही व गेहूं की फसल में सर्वाधिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ा। बीते 2015-16 के रबी अभियान में 42 हजार 509 किसानों ने प्रीमियम जमा किया। इसमें किसानों की 60 हजार 100 हेक्टेयर जमीन बीमित हुई। इस पर बीमा कंपनी इफको टोक्यो को बैंकों सहित केंद्र और राज्य सरकार ने 11 करोड़ 72 लाख 82 हजार 35 रुपये दिए गए। इस पर राजस्व व कृषि विभाग के सर्वे में फसलों में क्षति होना पाया गया। इसके आधार पर बीमा कंपनी ने किसानों को नुकसान की भरपाई की है। जिले में आठ हजार 98 किसानों को बीमा क्लेम से वंचित कर दिया गया है। इसके पीछे राजस्व विभाग ने सर्वे में इन किसानों का नुकसान होना नहीं पाया है।
इफको टोक्यो के मंडलीय अधिकारी आदर्श सक्सेना ने बताया कि राजस्व विभाग के सर्वे के आधार पर 34 हजार 411 किसानों को क्लेम मिला है। कहा कि शेष किसानों की फसलों में नुकसान होना नहीं मिला है। बीमा कंपनी राजस्व विभाग से मिलने वाली सर्वे रिपोर्ट के आधार पर क्लेम जारी करते हैं।