हमीरपुर। 55 दिन तक लापता रहे पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीतम सिंह किसान के मामले में पुलिस पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। घटनाक्रम में उनके कुछ परिजन और करीबी परिचितों की भूमिका भी संदेह के दायरे में है।
सूत्रों के मुताबिक प्रीतम सिंह 26 अक्तूबर तक रात के समय जिले में ही मौजूद रहे। इसी अवधि में भाजपा के नगर अध्यक्ष और एक पूर्व जिला उपाध्यक्ष की मौजूदगी में उनके बेटे के समर्थन में गवाही दी गई थी। पुलिस को इस दौरान कई ऐसे लोगों के बयान मिले हैं, जिसमें प्रीतम सिंह के मौजूद होने की बात कही है।
27 अक्तूबर की रात वह प्रयागराज के राजापुर इलाके में अपने एक रिश्तेदार के यहां रुके। वहां एक दिसंबर तक रहे। इसी दिन वे फतेहपुर पहुंचे, यहां एक परिचित के यहां तीन दिसंबर तक ठहरे। 3 से 6 दिसंबर के बीच वे लखनऊ में अलग-अलग स्थानों पर रहे। 11 दिसंबर को प्रीतम सिंह के मौर्या नगर थाना दुबग्गा लखनऊ में छिपे होने की जानकारी पुलिस को मिली और पकड़ लिए गए।