देश के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का जनपद से पुराना रिश्ता रहा है। वह 2012 के विधानसभा चुनाव व 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान कई सभाएं कर चुके हैं।
तब वह भाजपा अनुसूचित जाति जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उनके प्रचार का असर यह रहा कि 2012 में पहली बार हमीरपुर सदर विधानसभा सीट से भाजपा ने जीत का परचम लहराया था। तब मौजूदा में केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति विधायक चुनीं गईं थी। वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा प्रत्याशी विजयी हुआ था।
पड़ोसी जनपद कानपुर के रहने वाले रामनाथ कोविंद जब भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति, जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। तब 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्हें प्रचार के लिए यहां भेजा गया था। तब वह मुख्यालय में तीन दिन रुके और पार्टी का व्यापक प्रचार प्रसार किया। इस बीच कई सभाएं भी की।
जिसका परिणाम यह हुआ कि दलित वर्ग का वोट भाजपा की ओर आकर्षित हुआ और पहली बार सदर विधानसभा सीट से साध्वी निरंजन ज्योति विधायक चुनी गईं। प्रचार के दौरान वह अधिवक्ता श्यामबिहारी मित्रा के यहां प्रवास भी किया। इसके बाद जब वह प्रदेश के भाजपा के महामंत्री बने। तब 2014 में लोकसभा का चुनाव हुआ और एक बार फिर उन्हें हमीरपुर जनपद में प्रचार के लिए भेजा गया।
इस बार भी वह अपने वर्ग के मतदाताओं को रिझाने में कामयाब हुए और पुष्पेंद्र सिंह चंदेल सांसद बनकर लोकसभा पहुंचे। उन्होंने हमीरपुर के साथ राठ और महोबा में जनसभाएं की। इस तरह से जनपद में उनका विशेष प्रभाव रहा है। मंगलवार को राष्ट्रपति के पद की शपथ लेने पर जनपद के वासियों ने उन्हें बधाई दी है।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बृजकिशोर गुप्ता, आशीष पालीवाल ने बताया कि वह सरल और सौम्य स्वभाव के व्यक्ति हैं। कार्यकर्ताओं के बीच उनकी एक अलग छाप रही है और उसका असर है कि जनपद का असर हमेशा उन्हें याद करते हैं।