फोटो 26 एचएएमपी 06- आवंटित प्लाट पर संचालित ढाबा व होटल। संवाद
हमीरपुर (भरुआ सुमेरपुर)। सुमेरपुर औद्योगिक क्षेत्र का सपना धूल खा रहा है। दो दशक से ज्यादा समय बीत गया, लेकिन यहां आवंटित कई प्लॉट खाली पड़े हैं। फैक्टरी, न मशीनें, न उत्पादन है। उद्यमियों ने जमीन तो ली, काम शुरू नहीं किया। इससे नए निवेशकों को जगह नहीं मिल रही है।
भरुआ सुमेरपुर में 1980 के दशक में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित हुआ था। यह 200.84 हेक्टेयर की उपजाऊ जमीन में बना था। कुल 199 प्लाटों बनाएं गए थे। औद्योगिक क्षेत्र में अभी करीब 40 प्रतिशत प्लॉट ऐसे बताए जाते हैं जिन पर न कोई निर्माण हुआ है, न किसी प्रकार की औद्योगिक गतिविधि दिखती है। कुछ जमीनों पर केवल बोर्ड और चारदीवारी बनी हुई है, जबकि कई प्लॉट वर्षों से पूरी तरह खाली पड़े हैं।
नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेंद्र शिवहरे ने भी इस स्थिति पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अगर लंबे समय से निष्क्रिय पड़े प्लॉटों की समीक्षा कर उन्हें निरस्त कर दिया जाए तो सुमेरपुर औद्योगिक क्षेत्र एक बार फिर सक्रिय हो सकता है। इससे न केवल क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। (संवाद)
जिन उद्यमियों ने अपने प्लॉट पर कोई गतिविधि शुरू नहीं किया, उन्हें कई बार नोटिस भेजा जा चुका है। अब निरस्तीकरण की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
संदीप कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीसीडा
फोटो 26 एचएएमपी 06- आवंटित प्लाट पर संचालित ढाबा व होटल। संवाद
फोटो 26 एचएएमपी 06- आवंटित प्लाट पर संचालित ढाबा व होटल। संवाद
फोटो 26 एचएएमपी 06- आवंटित प्लाट पर संचालित ढाबा व होटल। संवाद