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अपनी गर्दन बचाने को संविदा कर्मियों को बना रहे मोहरा

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हमीरपुर। जिला महिला अस्पताल में दो महिला डाक्टरों के बीच विवाद, लेबर रूम में बेपर्दा महिलाओं व सीएमएस का वसूली का वायरल वीडियो मामला अभी तक शांत नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपनी गर्दन बचाने के लिए अब संविदा कर्मियों को मोहरा बना रहे हैं।
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शुक्रवार को सीएमएस द्वारा 17 मई को जारी किया गया स्पष्टीकरण नोटिस सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिसमें उन्होंने तीन संविदा कर्मी स्टाप नर्स अम्रता, विनीता सचान व पूनम में से किसी एक पर बेपर्दा महिलाओं का वीडियो वायरल करने की बात कही है। इस मामले में दो दिन के अंदर जवाब मांगा है। कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
वहीं तीन मई को लेबर रूम में दो महिला चिकित्सकों के बीच हुए विवाद को लेकर कोतवाली पहुंची जूनियर डाक्टर ने पुलिस को दी तहरीर में झगड़े का वीडियो बनाने की बात स्वीकार की थी। इसके अलावा किसी ने वीडियो नहीं बनाया था, लेकिन मैडम को बचाने के चक्कर में संविदा कर्मियों को मोहरा बनाया जा रहा है।
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महिला जिला अस्पताल के कई कारनामा उजागर हो रहे हैं। शासन स्तर पर करीब आधा दर्जन जांचे लंबित हैं, लेकिन किलेबंदी ऐसी कि अब तक दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
सीएमओ ने सीएमएस से मांगा स्पष्टीकरण
सीएमओ ने बेपर्दा महिलाओं के वीडियो व अवैध वसूली के वायरल वीडियो मामले में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर जांच आख्या शासन स्तर को भेजी है। वहीं शहर मुख्यालय से सीएमएस के गायब रहने पर स्पष्टीकरण मांगा है। बताया कि अधिकतर इनके गायब रहने की शिकायत मिल रही है।
डा. अशोक कुमार रावत, सीएमओ
मामले में तीन सदस्यीय मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे, जिसमें अपर जिलाधिकारी न्यायिक नागेन्द्र नाथ यादव, परियोजना निदेशक साधना दीक्षित, एसीएमओ डॉ.आरके यादव को नामित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी। उन्होंने कहा अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है।
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डा. चंद्रभूषण त्रिपाठी, डीएम
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