राठ/बिवांर/गहरौली। नगरीय स्वास्थ्य केंद्र सहित सभी ग्रामीण पीएचसी में रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में वायरल बुखार व खुजली के मरीजों की संख्या अधिक रही। हालांकि आरोग्य मेले में विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव रहा। इससे मरीज निराश रहे।
नगरीय पीएचसी राठ के डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि बदलते मौसम में लोग संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। अभी ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करें। पानी को उबालकर ठंडा होने के बाद छानकर पिएं। कहा कि दोपहर एक बजे तक कुल 55 मरीजों का उपचार किया गया है। एलटी ज्योति ने बताया कि आठ गर्भवती महिलाओं की जांच की गईं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिवांर में प्रभारी डॉ. एसके सिंह ने बताया ज्यादातर मरीज खांसी, जुकाम, बुखार और एलर्जी के देखे गए। उपचार को आई महिला मरीज सखिया ने कहा कि आरोग्य मेला में कुछ खास नहीं है। यही इलाज तो अस्पताल में रोज होता है।
खबरें प्रकाशित होने से बदली व्यवस्था: क्षेत्र की छह पीएचसी में पहले फार्मासिस्ट के माध्यम से ही आरोग्य मेले का संचालन किया जाता था। इस पर अमर उजाला ने फार्मासिस्ट के भरोसे आरोग्य मेला कॉलम से खबर प्रकाशित की थी। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संज्ञान लेते हुए व्यवस्था में बदलाव कराया है। एमबीबीएस चिकित्सकों की कमी के चलते पहली बार आयुष चिकित्सकों की मौजूदगी में मेले का आयोजन कराया गया। चिकित्सकों की मौजूदगी पर मरीजों ने संतोष जताया।