सूखे की मार से परेशान ग्रामीण उपभोक्ताओं को पावर कारपोरेशन की ओटीएस स्क ीम भी भारी लग रही है। शासन स्तर से ओटीएस के जरिये बिल वसूली का दबाव है। ऐसे में योजना की अवधि बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। किसानों को खाने के लाले हैं ऐसे में वह बिजली का बिल कैसे अदा कर पाएंगे। इसके चलते पावर कारपोरेशन 15 मार्च तक मात्र 75 लाख रुपये ही वसूल सका है। कारपोरेशन ने अब ग्रामीण घरेलू और निजी नलकूपों के 34769 बकायेदार उपभोक्ताओं से 47 करोड़ 50 लाख की वसूली करने का लक्ष्य रखा है।
ग्रामीण उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) चल रही है। इसकी अंतिम तिथि 15 मार्च थी। इसमें बिल पर लगने वाले सरचार्ज पर शत प्रतिशत छूट दी गई। लेकिन इस अवधि तक किसानों में ओटीएस के प्रति रुचि नहीं दिखी। अब तक 934 बकायेदार ही बिजली बिल का सरचार्ज माफ कराने पहुंचे। 596 उपभोक्ताओं ने बकाया अदा कर 13 लाख 74 हजार रुपये का लाभ उठाया। बकाया वसूली कम आने पर कारपोरेशन ने ओटीएस योजना को 31 मार्च तक बढ़ा दिया है। लेकिन प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे किसान बकाया अदा कर पाएंगे, ये बड़ा सवाल है।