मिड डे मील, छात्रों और टीचरों की हाजिरी में होने वाले फर्जीवाड़ों पर रोक लगाने के लिए शासन ने पहल शुरू कर दी है। प्रदेश के रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर की कोऑर्डिनेशन टीम ने बुधवार को जिले के परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों का डाटा जुटाया। सभी स्कूलों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग होगी। टीम का सहयोग करने के लिए अपर परियोजना निदेशक राजकुमारी वर्मा ने बीएसए को निर्देश दिए हैं।
परिषदीय स्कूलों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए शासन स्तर से प्रयास जारी हैं। इसके लिए समय समय पर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब शासन ने इन विद्यालयों की निगरानी ऑनलाइन करने की योजना बनाई है। एक क्लिक पर विद्यालय के हालचाल जानने की मंशा से विद्यालयों को जीपीएस सिस्टम से जोड़ा जाना है।
इसके लिए विद्यालयाें का डाटा इकट्ठा करनेे की जिम्मेदारी प्रदेश के रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर को दी गई है। सेंटर की कोऑर्डिनेशन टीम जिले के सभी विद्यालयाें का ब्योरा जुटा रही है।
अपर परियोजना निदेशक राजकुमारी वर्मा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी एबीएसए व एनपीआरसी सहयोग करें। ताकि टीम को डाटा इकट्ठा करने में कोई परेशानी न हो। बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने बताया कि सभी को आवश्यक दिशा निर्देश दे दिए गए हैं। जिले में कोऑर्डिनेशन टीम विद्यालयों डाटा इकट्ठा कर रही है।