हमीरपुर। कानपुर-सागर हाईवे पर सुमेरपुर से लेकर हमीरपुर के यमुना पुल तक एक साइड में गड्ढों की भरमार है। ऐसे स्थिति में वाहन चलाने का मतलब मुसीबत मोल लेने है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हादसे को न्योता दे रहे हैं। हाईवे की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये का बजट खर्च हो रहा इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। अमर उजाला ने 24 अगस्त के अंक में खबर प्रकाशित की तो जिम्मेदारों की आंखें खुली और सड़क के जख्म भरने को टीम दौड़ाई। गड्ढा भरने में भी सिर्फ औपचारिकता पूरी की जा रही है।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने कुछेछा से यमुना पुल तक करीब तीन किलोमीटर हाईवे की पड़ताल 23 अगस्त को की थी। 24 अगस्त के अंक में खबर प्रकाशित हुई। खबर के जरिए अफसरों को हकीकत से रूबरू कराया। बताया था कि सड़क पर 150 से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे मिले हैं, जो राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। इसके बाद एनएचएआई के जिम्मेदार नींद से जागे। बुधवार को सड़क के जख्म भरने की कवायद शुरू हुई।
टीम ने बुधवार को दोपहर बाद तीन बजे फिर पड़ताल की तो गड्ढा भरने के काम में बरती जा रही लापरवाही सामने आ गई। श्रमिकों की टीम सिर्फ 10 गड्ढों को भरवा पाई है। काम बेहद धीमी गति से किया जा रहा है। यही नहीं गड्ढों को भरने में सिर्फ औपचारिकताएं पूरी कर कागजी आंकड़ों को दुरुस्त किया जा रहा है। धरातल पर जिम्मेदारों की लापरवाही शासन की मंशा पर सवाल खड़ी कर रही है। हाईवे पर गड्ढों की संख्या लगातार बढ़ने से हादसों का खतरा भी बढ़ रहा है। राहगीरों का कहना है कि जिम्मेदार विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए। सड़क की तत्काल मरम्मत कराकर गड्ढों को बंद कराया जाना जरूरी है।
पांच दिन से उखड़ी एक्सपेंशन जॉइंट की ऊपरी परत
कानपुर-सागर हाईवे पर बेतवा पुल के एक्सपेंशन जॉइंट के पास ऊपरी कंक्रीट की परत क्षतिग्रस्त होने की तस्वीरें पांच दिन पहले सामने आ गई थी, अभी तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। 10 नंबर पियर के पास ऊपरी कंक्रीट उखड़ी हुई है। पुल की सुरक्षा को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। इसके पहले 26 जुलाई के अंक में भी एक्सपेंशन जॉइंट के पास कंक्रीट उखड़ गई थी। गड्ढे और सरिया दिखाई दे रहे थे। हालांकि पुल का रखरखाव देख रही एजेंसी ने उस वक्त काम करा दिया था लेकिन इस बार लापरवाही के चलते काम नहीं हो सका।
भाजपा कार्यालय के सामने भी गड्ढे
कुछेछा के पास रोडवेज के नवनिर्मित वर्कशॉप के ठीक सामने सड़क पर गड्ढे हैं और सड़क उखड़ी हुई है। विकास भवन के गेट के पास भी छोटे गड्ढे हैं। भाजपा कार्यालय के ठीक सामने सड़क पर गड्ढे हैं। इसी तरह बेतवा पुल के हेड व टेल दोनों जगह सड़क क्षतिग्रस्त है। एक जगह तो नाली सी बन गई है। लक्ष्मी तिराहे के पास भी सड़क के हालात ठीक नहीं हैं। यमुना पुल की ऊपरी परत कई जगह उखड़ी है। खास बात तो यह है कि बिटुमिन परत को दो माह पहले ही उखाड़ कर नई डाली गई थी, वह भी उखड़ रही है।
गड्ढों से बचने में हादसे का खतरा
हाईवे पर गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालक इधर-उधर कट मारकर निकलते हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक लेन बदलने से टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और गंभीर है। रात में गड्ढे दिखाई नहीं देने से दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। ओवरटेक के चलते हाल में ही रोडवेज बस टकरा गई थी, जिसमें चालक समेत तीन लोगों की मौत हो चुकी। इसके अलावा आए दिन होने वाली घटनाओं में कई बार यह गड्ढे भी कारण बन जाते हैं।
रोज निकलते हैं अधिकारी, फिर भी अनदेखी
कानपुर-सागर हाईवे पर कुछेछा में हमीरपुर जिले का विकास भवन स्थित है। इस वजह से आला अधिकारियों का कार्य दिवस में रोजाना ही आवागमन होता है। इसके बावजूद सड़क की बदहाल स्थिति पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। हाईवे से रोजाना लाखों रुपये का राजस्व वसूला जाता है, लेकिन सड़क की हालत देखकर ऐसा नहीं लगता कि रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि हाईवे की मरम्मत के नाम पर कई बार खानापूर्ति होती है, लेकिन कुछ समय बाद सड़क फिर गड्ढों में तब्दील हो जाती है। ऐसे में सवाल है कि आखिर इन गड्ढों की स्थायी मरम्मत कब होगी और जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई कब की जाएगी?
फोटो26एचएएमपी 20- नव निर्मित डिपो वर्क शॉप के सामने हाईवे पर गड्ढे। संवाद
फोटो26एचएएमपी 20- नव निर्मित डिपो वर्क शॉप के सामने हाईवे पर गड्ढे। संवाद
फोटो26एचएएमपी 20- नव निर्मित डिपो वर्क शॉप के सामने हाईवे पर गड्ढे। संवाद