सदर अस्पताल में बंदी का उपचार करते चिकित्सक।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेशी के बाद हवालात ले जाते समय दहेज हत्या का आरोपी बंदी की हालत बिगड़ गई। वह न्यायालय परिसर में अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। करीब एक घंटे तक दर्द से तड़प रहे बंदी का मुंह पुलिस ताकती रही। बाद में अधिवक्ताओं के आक्रोशित होने पर जेल की गाड़ी से उसे सदर अस्पताल ले जाया गया। जहां से चिकित्सकों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। बंदी की हालत बिगड़ने की सूचना पर डिप्टी जेलर भी अस्पताल पहुंचे।
राठ कोतवाली कस्बे के खुशीपुरा मोहल्ला निवासी शिवम सोनी उर्फ विनय (27) पुत्र शंकरलाल पर पत्नी उपासना पुत्री राजाराम कौशल निवासी पठानपुरा राठ की दहेज की मांग को लेकर हत्या करने का आरोप है। इसके चलते वह पिछले नौ मार्च 2017 से जेल में बंद है। शिवम की शादी पिछले 12 जुलाई 2016 को हुई थी। वहीं पांच मार्च 2017 को उसकी पत्नी उपासना की संदिग्ध हालात में मौत होने पर मृतका के पिता ने शिवम के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था।
मंगलवार को जेल से उसे सीजेएम कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया। जहां पेशी से लौटने के दौरान ही न्यायालय परिसर में वह अचेत हो गया। मौजूद पुलिसकर्मी करीब एक घंटे तक उसे पानी के छींटे मारकर होश में लाने का प्रयास करते रहे। किसी ने भी उसे सदर अस्पताल भेजने की जहमत नहीं उठाई। वहीं करीब एक घंटे बराबर बंदी के रह रहकर चिल्लाने पर अधिवक्ता आक्रोशित हो गए।
अधिवक्ताओं के कहने पर जेल की गाड़ी बुलाई गई और बंदी को सदर अस्पताल भेजा गया। जहां कोतवाली पुलिस के साथ डिप्टी जेलर अखिलेश मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और बंदी को कानुपर भेजने की व्यवस्था कराई। इलाज करने वाले डा. राज ने कहा कि बंदी को कई दिनों से बुखार है। साथ ही जेल में बंद होने से भी परेशान था। बंदी ने सदर अस्पताल में जेब में पड़े कई पत्र दिखाए।
कहा कि पत्नी ने मरने से पहले उसके पक्ष में बयान दिए थे। इसके बावजूद उसे फ र्जी फंसा दिया गया है। वह पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देना चाहता है। उधर, डिप्टी जेलर अखिलेश मिश्रा ने कहा कि जैसे ही बंदी के बीमार होने की सूचना उन्हें मिली बिना देर किए वाहन लेकर पहुंच गए। उसे कानपुर भेजा गया है।