दो वर्ष बीतने के बाद भी जिले में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत संचालित कामधेनू डेयरी योजना पटरी पर नहीं आ सकी है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में इसका लक्ष्य तो बढ़ाया गया लेकिन अभी तक कोई भी आवेदक डेयरी का संचालन नहीं कर सका है।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए कामधेनू और मिनी कामधेनू डेयरी योजना संचालित की गई है। पशुपालन विभाग इस योजना के जरिए किसानों को लाभान्वित करने के प्रयास में है। शासन 2013-14 से इस योजना को संचालित कर रहा है। पिछले वर्ष कामधेनू डेयरी में उरदना के सूरजबली का चयन हुआ।
लेकिन गारंटर की मौत होने से संबंधित किसान की दुग्ध डेयरी चालू नहीं हो सकी। वहीं मिनी कामधेनू डेयरी में 10 किसानों का चयन हुआ पर अभी तक किसी भी किसान को बैंक ने ऋण स्वीकृत नहीं किया है। वहीं चालू वर्ष में इस योजना का लक्ष्य बढ़ाया गया है।
वित्तीय वर्ष समाप्त होने में सिर्फ दो माह शेष हैं लेकिन कामधेनू डेयरी में तीन के सापेक्ष कोई आवेदन नहीं हुआ। वहीं मिनी कामधेनू डेयरी योजना में 30 के सापेक्ष 17 आवेदन आए। जिसमें 12 का चयन कर संबंधित बैंक को भेजा गया। लेकिन इनमें से अब तक सिर्फ बेरी गांव के उदयभान यादव का ऋण स्वीकृत हुआ है।
जिले में 1282 संकर प्रजाति की गाय
जिले में 259487 देशी गाय हैं। इनमें 1282 संकर प्रजाति की हैं। वहीं 137661 भैंसें हैं। जिले में आंकलित कुल दुग्ध उत्पादन 669 लाख लीटर है। आबादी को देखते हुए प्रति व्यक्ति 175 ग्राम दूध हिस्से में आ रहा है।
1.22 करोड़ की लागत आएगी
कामधेनू डेयरी में संबंधित किसान को 100 भैंस/गाय पालने में 1.22 करोड़ की लागत आएगी। इसमें 75 प्रतिशत धनराशि बैंक से लोन के जरिए मिलेगी। जबकि 25 प्रतिशत लाभार्थी को अपने बैंक खाते में अंश के रूप में धन जमा करना होगा। इसी तरह मिनी कामधेनू डेयरी योजना 52.35 लाख का खर्च होगा। 13.08 लाख लाभार्थी को बैंक खाते में जमा करना होगा। इस योजना में 50 भैंस/गायों को रखकर दुग्ध उत्पादन करना है।
संकर प्रजाति के खरीद जाने हैं दुधारू पशु
योजना के तहत संकर प्रजाति की जर्सी/संकर एचएफ, शाहीवाल प्रजाति की गाय व मुर्रा भैंस खरीदी जाएंगी। साथ ही प्रथम व द्वितीय ब्यात के कम से 12 लीटर प्रतिदिन दूध देने की क्षमता वाले पशु होंगे। वहीं अन्य प्रांतों से इन दुधारू मवेशियों को क्रय किया जाएगा। इन पशुओं का बीमा भी कराया जाएगा।
खुद की जमीन होना जरूरी
कामधेनू डेयरी खोलने वाले संबंधित कृषक के पास खुद की तीन एकड़ जमीन होनी चाहिए। वहीं मिनी कामधेनू डेयरी के लिए एक एकड़ जमीन होना जरूरी है। इस योजना के तहत जिले में सक्रिय पांच दुग्ध मार्ग सुमेरपुर कुरारा-मनकी मार्ग, मुस्करा मार्ग, मुंडेरा मार्ग, सुमेरपुर टेढ़ा मार्ग, सिसोलर मार्ग पर आने वाले गांवों के किसानों का प्राथमिकता के आधार पर चयन किया जाएगा।