हमीरपुर। लापरवाही और ओवरस्पीड वाहन चलाने वालों पर नकेल कसने के लिए यातायात विभाग बाइक इंटरसेप्टर से नजर रख रहा है। जिले में दो बाइक इंटरसेप्टर वाहन उपलब्ध हैं। इसकी मदद से यातायात विभाग की टीम ओवरस्पीड वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई कर रही है। इस मशीन से करीब 500 मीटर दूर के वाहनों की स्पीड मापी जा सकती है।
तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। खास तौर से युवाओं के लापरवाही से वाहन चलाने के कारण कई बार लोगों की जान पर बन आती है। लापरवाही से वाहन चलाने वाले और ओवरस्पीड के कारण न सिर्फ अपनी जान खतरे में डालते हैं, बल्कि सामने वाला भी मुश्किल में पड़ जाता है। इसके लिए यातायात विभाग की ओर से समय-समय पर अभियान भी चलाया जाता है। इसके माध्यम से लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर नजर रखी जाती है। विभाग के पास इस तरह के चालकों के वाहन की गति को मापने के लिए अभी तक कोई यंत्र नहीं था।
अब यातायात विभाग के बेड़े में दो बाइक इंटरसेप्टर वाहन शामिल कर लिए गए हैं। इससे क्षमता से अधिक ओवरस्पीड पर वाहन चालकों का चालान काटा जा रहा है। यातायात विभाग ने अगस्त माह में ही करीब 1295 वाहनों का चालान किया है। इसमें करीब 500 बाइक और 800 चार पहिया वाहन शामिल हैं। यातायात नियमों के अनुसार हाईवे पर बाइक की अधिकतम स्पीड 80 किमी प्रति घंटा और शहरी क्षेत्र में 30 से 40 किमी प्रतिघंटे के बीच होनी चाहिए। इसी तरह चार पहिया वाहन एक्सप्रेसवे पर अधिकतम 120, फोरलेन पर 100 और शहरी क्षेत्रों में 80 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से वाहन चला सकते हैं।
वर्जन:
बाइक इंटरसेप्टर मशीन से 500 मीटर दूर तक के वाहनों की गति सीमा मापी जा सकती है। विभाग की ओर से लगातार ओवरस्पीड वाहनों पर नजर रखी जा रही है। जिनका चालान किया गया है, उनमें अधिकतर युवा हैं। - मंजू पांडे, सीओ यातायात।