सीएचसी में नवजात शिशु को गोद में लिए स्वास्थ्य कर्मी।
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किसी महिला ने रात के अंधेरे में नवजात शिशु को नाले में फेंक दिया। सुबह जब ग्रामीणों ने नवजात के रोने की आवाज सुनी तो शिशु को नाले में पड़ा देखा। प्रधान की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने घायल नवजात को गांव की आशा रामदुलारी को सौंपा। इसके बाद उसे सीएचसी पहुंचाया गया।
जहां से उसे झांसी रेफर कर दिया गया। ग्राम प्रधान ने एक युवक के खिलाफ नवजात बच्ची की हत्या करने के प्रयास की तहरीर दी है। चिकित्सक डॉ. आलोक ने बताया कि नवजात के पैर में गंभीर चोटें हैं।
कोतवाली के सरसेड़ा माफ गांव निवासी ग्राम प्रधान पानकुंवर यादव ने बताया कि शुक्रवार की सुबह गांव के बाहर जंगल से सटे एक नाले में ग्रामीणों ने एक बच्ची के रोने की आवाज सुनीं। जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो बच्ची को रोते देखा।
नवजात उस दौरान घायल अवस्था में थी। बताया कि नवजात को जंगली जानवरों ने घायल कर दिया है। प्रधान ने आरोप लगाते हुए कोतवाली में गांव की एक महिला पर नवजात को जन्म देकर जान से मारने की नियत से नाले में फेंकने की तहरीर दी है। कोतवाल मनोज कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।